जयपुर। रिपोर्ट टाइम्स।
राजस्थान में पुलिसकर्मियों द्वारा होली बहिष्कार का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। प्रदेशभर के कई जिलों में पुलिसकर्मियों ने वेतन विसंगति और प्रमोशन को लेकर विरोध जताते हुए होली के जश्न से दूरी बना ली। इस बीच, प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने पुलिसकर्मियों को मनाने की कोशिश करते हुए उनकी मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।
कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट साझा कर पुलिसकर्मियों से होली मनाने की अपील की। उन्होंने लिखा कि होली एक वैदिक पर्व है और इसे पूरे आनंद और उल्लास के साथ मनाना चाहिए। उन्होंने पुलिसकर्मियों की समस्याओं को लेकर कहा कि उनकी सभी मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाकर पूरा करवाने का प्रयास किया जाएगा।
पुलिसकर्मी वेतन प्रमोशन को लेकर नाराज
पुलिसकर्मियों के इस बहिष्कार को लेकर अब राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। एक ओर जहां सरकार उन्हें मनाने की कोशिश कर रही है, वहीं विपक्ष इसे बड़ा मुद्दा बना सकता है। पुलिसकर्मियों की मुख्य मांगों में वेतन विसंगति दूर करने और समय पर विभागीय प्रमोशन (DPC) कराने की गारंटी शामिल है। पुलिसकर्मी चाहते हैं कि अन्य विभागों की तरह उन्हें भी नियमानुसार प्रमोशन मिले और वेतनमान में सुधार किया जाए।
कुछ जिलों में बहिष्कार, कुछ में जश्न
हालांकि, होली के बहिष्कार को लेकर सभी पुलिसकर्मी एकजुट नजर नहीं आ रहे हैं। कुछ जिलों में पुलिसकर्मियों ने परंपरागत रूप से होली का जश्न मनाया, जबकि जयपुर, जोधपुर, अजमेर समेत कई जिलों में पुलिस लाइन और थानों में सन्नाटा पसरा रहा। कुछ पुलिसकर्मी खुलकर विरोध में शामिल नहीं होना चाहते, लेकिन सरकार पर दबाव बनाने के लिए उन्होंने चुपचाप इस आंदोलन का समर्थन किया है।
सरकार के सामने अब यह चुनौती है कि वह पुलिसकर्मियों की नाराजगी को कैसे दूर करे। अगर उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो यह असंतोष और गहरा सकता है। वहीं, इस मुद्दे को लेकर विपक्ष भी सरकार को घेरने की तैयारी कर सकता है। आने वाले दिनों में देखना होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है….समाधान निकालती है या सिर्फ बयानबाजी तक सीमित रहती है।
