चिड़ावा। मास्टर हजारी लाल शर्मा राजकीय महाविद्यालय में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (उच्च शिक्षा) की स्थानीय इकाई के द्वारा गुरु वंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने गुरु की महत्ता पर प्रकाश डाला और वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्य अतिथि के रूप में प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. प्रमोद कुमार धायल ने अर्वाचीन काल से लेकर वर्तमान काल तक गुरु की आवश्यकता बताते हुए गुरु बिन ज्ञान प्राप्त करना असंभव बताया।

उन्होंने ज्ञान प्राप्ति की आधुनिक तकनीक के उपयोग को समझदारी से करने पर बल दिया। श्री विक्रम ने देवताओं और दानवों के गुरु के माद्यम से गुरु के महत्व को समझाया। संजय मरोडिया ने विद्यार्थीओं सफलता हासिल करने के लिए गुरु की महता के सम्बन्ध में बताया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अवतार कृष्ण शर्मा ने उपस्थित अतिथियों एवम छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की वर्तमान में प्रासंगिकता एवं उपयोगिता का उल्लेख करते हुए विद्यार्थीओं से प्रथम गुरु ‘माता’ को आज से ही गुरु रूप में मानने का आह्वान किया। कार्यक्रम में डॉ. गुरुदत्त स्वामी, डॉ. अंजू कटेवा एवं अनेक छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
