जयपुर। रिपोर्ट टाइम्स।
राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज एक और बिल पारित होते होते रह गया। इस बिल को अब सलेक्ट कमेटी के पास भेजा गया है। सदन में आज राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने राजस्थान भू राजस्व संशोधन और विधिमान्यकरण विधेयक को सलेक्ट कमेटी को भेजने का प्रस्ताव रखा, जिसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।

भू राजस्व संशोधन बिल पर यू टर्न !
राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज राजस्थान भू राजस्व संशोधन और विधिमान्यकरण विधेयक पारित होते होते रह गया। कांग्रेस विधायकों सहित कुछ भाजपा विधायकों ने बिल के प्रावधानों को लेकर अपनी बात रखी। कांग्रेस विधायकों ने बिल के प्रावधानों पर आपत्ति जताते हुए वॉक आउट भी किया। इस पर राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने बहस का जवाब दिया। इसके बाद मंत्री हेमंत मीणा ने इस बिल को प्रवर समिति के पास भेजने का प्रस्ताव सदन में रखा, जिसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
इमरजेंसी पर क्यों हुआ हंगामा?
बिधानसभा के बजट सत्र के दौरान हंगामा भी देखने को मिला। सदन में आज इमरजेंसी में जेल जाने वालों को पेंशन और सुविधाओं के लिए लाए गए लोकतंत्र सेनानी सम्मान बिल पर बहस हो रही थी। इस दौरान कांग्रेस विधायक रफीक खान ने इमरजेंसी में जेल जाने वालों के लिए मुलजिम शब्द का इस्तेमाल कर दिया। इस पर भाजपा विधायकों ने आपत्ति जताई तो कांग्रेस और भाजपा विधायकों के बीच बहस हो गई। जबकि निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने इमरजेंसी में जेल जाने वालों को सम्मान देने का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि हमने इमरजेंसी का कालखंड नहीं देखा, लेकिन सुना है। इमरजेंसी से लड़ने वाले सम्मान के पात्र हैं।
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भूजल बिल पर सलेक्ट कमेटी को भेजा
राजस्थान की भजनलाल सरकार भू राजस्व संशोधन विधेयक से पहले भी एक विधेयक को प्रवर समिति को भेज चुकी है। इसी सप्ताह बजट सत्र के दौरान सरकार की ओर से भूजल प्राधिकरण बिल को प्रवर समिति के पास भेजा गया है। इस बिल के प्रावधानों पर भी कांग्रेस विधायकों ने आपत्ति जताई थी। कांग्रेस विधायकों की ओर से कहा गया कि सरकार पानी पर पहरा बिठा रही है। नलकूप और बोरिंग मशीनों के रजिस्ट्रेशन की बात कह रहे हैं, मगर इसके लिए पर्याप्त संसाधन ही नहीं हैं। इस विरोध के बाद भूजल बिल सलेक्ट कमेटी को भेज दिया गया।
