REPORT TIMES : चिड़ावा | पिलानी के मोरवा गांव में एक निजी समारोह में भाग लेने आए भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मदन राठौड़ को चिड़ावा ओजटू बाईपास पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने शहर की बढ़ती समस्याओं और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर गंभीर चिंता प्रकट की। यह ज्ञापन भाजपा नेता रविकांत शर्मा के नेतृत्व में सौंपा गया, जिसमें जल संकट, नगरपालिका में अनियमितताएं और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली प्रमुख मुद्दे रहे। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में नियुक्त अधिकारी अब भी पूर्ववत कार्यशैली में काम कर रहे हैं और भाजपा सरकार के निर्देशों की उपेक्षा कर रहे हैं।

शहर में पानी का गहराता संकट, पाइपलाइनों के आधुनिकीकरण की मांग
ज्ञापन में बताया गया कि चिड़ावा के 40 वार्डों में जल संकट अत्यंत गंभीर होता जा रहा है। गर्मी के शुरुआती दौर में ही अधिकतर इलाकों में लोगों को पानी के लिए टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। शहर में स्थापित करीब 136 बोरवेल में से लगभग 40 सूख चुके हैं, जबकि बाकी में जल स्तर अत्यधिक नीचे चला गया है।

ज्ञापन में मांग की गई कि मंड्रेला से चिड़ावा तक नई पाइपलाइन बिछाकर प्रतिदिन कम से कम दो लाख लीटर पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, 1965 में डाली गई पुरानी और जर्जर पाइपलाइनों को तत्काल बदले जाने की जरूरत बताई गई, क्योंकि गंदा पानी सप्लाई होने से लोगों का स्वास्थ्य खतरे में है।
अधिशासी अधिकारी पर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप
चिड़ावा नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी रोहित मील के खिलाफ ज्ञापन में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि बिना धन लिए कोई भी कार्य नहीं किया जाता और केवल मोटी रकम देने वालों के काम प्राथमिकता से किए जाते हैं।
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ज्ञापन में यह भी कहा गया कि कई निर्माण कार्य बिना नियमानुसार स्वीकृति के हो रहे हैं और 90ए प्रक्रियाओं के तहत कई अवैध भूमि नियमित की गई हैं। पीडीएफ खातों से हुए गलत भुगतान का भी उल्लेख किया गया। ज्ञापन में बताया गया कि रोहित मील के खिलाफ पहले से एंटी करप्शन ब्यूरो और स्वायत्त शासन विभाग में शिकायतें दर्ज हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
सरकारी अस्पताल की व्यवस्था चरमराई, योग्य डॉक्टरों की मांग
ज्ञापन में उप जिला अस्पताल की बदहाल स्थिति को भी प्रमुखता से उठाया गया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि अस्पताल में नियुक्त डॉक्टर निजी क्लीनिक चलाते हैं और मरीजों को वहां भेजकर आर्थिक शोषण करते हैं। इससे आमजन को न केवल इलाज में देरी होती है बल्कि आर्थिक बोझ भी बढ़ता है।
ज्ञापन में मांग की गई कि सभी पुराने डॉक्टरों का स्थानांतरण कर योग्य और ईमानदार चिकित्सकों की नियुक्ति की जाए। इसके साथ ही, अस्पताल में ब्लड बैंक की स्थापना की भी मांग की गई। जानकारी दी गई कि भवन के लिए एक स्थानीय व्यक्ति द्वारा भूमि या भवन दान देने की भी तैयारी है।
ज्ञापन सौंपने वाले प्रमुख कार्यकर्ताओं के नाम
* अशोक शर्मा
* वैजनाथ मोदी
* बाबूलाल वर्मा
* मुकेश खंडेलवाल
* गंगाधर सैनी
* रविकांत शर्मा
* विद्याधर जैनी
* उमा शर्मा
* रामगोपाल मिश्र
* मदन डारा
* राजेंद्र पाल
भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदेशाध्यक्ष से आग्रह किया कि वह यह ज्ञापन मुख्यमंत्री तक पहुंचाएं और चिड़ावा की समस्याओं के समाधान हेतु शीघ्र कदम उठाने के निर्देश दिलवाएं, जिससे आमजन को राहत मिल सके।
