REPORT TIMES : आरएलपी संयोजक हनुमान बेनीवाल ने रविवार (25 मई) को ‘आक्रोश रैली’ में केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर बयान दिया. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर बहुत आवश्यक था. लेकिन ऑपरेशन सिंदूर में आपने वे आतंकी कैंप पीछे क्यों छोड़ दिए, जिनको ध्वस्त करने की जरूरत थी? पीओके पर कब्जा क्यों नहीं किया गया? बेनीवाल ने कहा कि 6 मई की रात को भारतीय सैन्य बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी शिविरों को नष्ट कर दिया गया. यह हमला 22 अप्रैल को दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के जवाब में किया गया था.

पेपर लीक के मुद्दे पर भी बोले बेनीवाल
नागौर सांसद ने पेपर लीक के मुद्दे पर कहा, “राज्य में पेपर माफिया हावी हो गया है और राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है. एसआई भर्ती परीक्षा-2021 रद् की जानी चाहिए. क्योंकि विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी नेताओं ने वादा किया था कि पेपर लीक की सीबीआई जांच करवाई जाएगी और आरपीएससी का पुनर्गठन होगा. वे सत्ता में आए, लेकिन कुछ नहीं हुआ.”
नागौर सांसद बोले- हर जिले में फैल जाएगा आंदोलन

बेनीवाल ने दोहराया कि आरएलपी अपनी सभी मांगें पूरी होने तक शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करेगी. उन्होंने कहा कि हम यहां कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के लिए नहीं हैं, लेकिन हम पीछे नहीं हटेंगे. अगर सरकार चुप रही तो यह आंदोलन हर जिले में फैल जाएगा.
सरकार की ओर से जयपुर पुलिस आयुक्त बीजू जॉर्ज जोसेफ और संभागीय आयुक्त पूनम भी बातचीत के लिए कार्यक्रम स्थल पर गए. अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि इन मांगों को उच्च स्तर तक पहुंचाया जाएगा.

