चिड़ावा। रिपोर्ट टाइम्स।
हरे कृष्ण – हरे राम का संकीर्तन…बजते ढोल – मृदंग पर झूमते श्रद्धालु… भक्ति, श्रद्धा और आस्था का ये मिलन दृश्य चिड़ावा में निकली जगन्नाथ रथ यात्रा का है। श्री हरिनाम संकीर्तन प्रचार मंडल के तत्वावधान और प्रवासी खींवसिका (केडिया) परिवार के सौजन्य से 21वीं भव्य भगवान श्री जगन्नाथ रथ यात्रा स्टेशन रोड स्थित डालमिया खेलकूद से रवाना हुई।
रवानगी से पहले भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के विग्रहों को विधिवत विराजित कराया गया। यहीं पर मधुबन आश्रम ऋषिकेश के स्वामी परमानंद प्रभु और उनके साथ आए संतों ने श्रृंगार किया। प्रवासी खींवसिका परिवार के सदस्य बैंकॉक प्रवासी विनय कुमार—शकुंतला केडिया तथा मुंबई प्रवासी प्रेम कुमार—कुसूम केडिया परिवार ने पंडितों के आचार्यत्व में विग्रहों की पूजा अर्चना की।
संकीर्तन प्रचार मंडल और जगन्नाथ रथ यात्रा आयोजन समिति के संयोजन में निकली यात्रा स्टेशन रोड, कबूतरखाना बस स्टैंड, मंड्रेला तिराहा होते हुए पिलानी रोड स्थित वृंदावन फार्म हाउस पहुंची। जहां पर भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के विग्रहों को मंत्रोच्चार के मध्य मंदिर के गर्भ गृह में विराजित कराया गया। यहां पर महा आरती हुई और भगवान को प्रसाद का भोग लगाया गया।
यात्रा के दौरान श्रद्धालु 30 मीटर लंबी रस्सी से रथ को खींचते नजर आए। वहीं मधुबन आश्रम ऋषिकेश के स्वामी परमानंद प्रभु और उनके साथ आए संतों ने हरे रामा—हरे कृष्ण के साथ अन्य धार्मिक धुनों के साथ गीत संगीत पर जमकर नृत्य किया। यात्रा के दौरान इलाका भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के जयकारों के साथ हरे राम हरे कृष्ण के जयकारों से गूंज उठा।
ये मौजूद रहे
इस मौके पर पूर्वी अग्रवाल सम्मेलन के प्रांतीय अध्यक्ष झंडीप्रसाद हिम्मतरामका, जगन्नाथ रथ यात्रा आयोजन समिति अध्यक्ष मनोहर लाल जांगिड़, प्रभात फेरी के टीना रामचंद्र शर्मा, श्री रामलीला परिषद अध्यक्ष प्रमोद अरड़ावतिया, सचिव सुशील पदमपुरिया, श्याम जांगिड़, रेखा संदीप हिम्मतरामका, सुरेंद्र शर्मा, नवीश शर्मा, प्रकाश, कैलाश, पूर्व पार्षद रविकांत शर्मा, सत्येंद्र कौशिक, आशीष मिश्रा, अविनाश, रमेश स्वामी, कुलदीप भगेरिया, राकेश शर्मा, शंकरलाल वर्मा, राजकुमार जिसपाल, राधेश्याम सुखाडिया, रवि भारतीय, संजय दाधीच, प्रशांत कुमावत, आशीष शर्मा, अजय बागड़ी, रामजीलाल सैनी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। वहीं यात्रा के समापन के बाद वृंदावन फार्म हाउस में भंडारा हुआ। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
