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क्या बजट में पूरा होगा सस्ते घर का सपना, रियल एस्टेट सेक्टर को मिलेगा बूस्टर डोज?

रिपोर्ट टाइम्स।

मिडिल क्लास के लिए अपने घर का सपना पूरा करना अब नामुमकिन सा होता जा रहा है. दिल्ली-एनसीआर से लेकर लखनऊ, भोपाल जैसे शहरों तक में एक छोटे 2BHK अपार्टमेंट की कीमत अब 50 लाख रुपए के पार जा चुकी है. वहीं मार्केट का फोकस इस समय लग्जरी अपार्टमेंट पर है, ऐसे में अफॉर्डेबल हाउसिंग देश के लिए अब जरूरत बन चुकी है. ऐसे में क्या सरकार बजट में इसके लिए कोई प्रावधान करने वाली है, रियल एस्टेट सेक्टर को सरकार से क्या उम्मीदें हैं?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को देश का बजट पेश करने जा रही है. पिछले साल जुलाई में जब सरकार ने देश का पूर्ण बजट पेश किया था, तब मिडिल क्लास के घर खरीदना आसान बनाने की बात कही गई थी. इस बार सरकार बजट में इस पर ठोस तरीके से काम कर सकती है. वहीं रियल एस्टेट सेक्टर की सबसे बड़ी डिमांड कि उसे एक इंडस्ट्री का दर्जा दिया जाए, इस पर भी सरकार फोकस कर सकती है.

सरकार लेकर आए सब्सिडी योजना

देश में बीते कुछ सालों में जमीन और बिल्डिंग मैटेरियल की कॉस्ट तेजी से बढ़ी है. इसका असर ये हुआ है कि घरों की लागत बढ़ने लगी और खरीदार कम होते गए. ऐसे में रियल एस्टेट सेक्टर चाहता है कि सरकार घर खरीदने को अफॉर्डेबल बनाने पर ध्यान दे. इतना ही नहीं वन ग्रुप के डायरेक्टर उदित जैन का कहना है कि सरकार को होम बायर्स के लिए क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम लाने का विचार करना चाहिए, ताकि लोग आराम से सस्ते दामों पर घर खरीद सकें.

वहीं क्रेस्ट वेंचर्स लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट जैश चोरारिया कहते हैं कि रियल एस्टेट सेक्टर की ग्रोथ बढ़ाने के लिए सरकार को इनकम टैक्स कानून में भी छूट देनी चाहिए. होम लोन इंटरेस्ट पर मिलने वाली 2 लाख रुपए की टैक्स छूट लिमिट को सालों से नहीं बदला गया है, जबकि बाजार में ब्याज दरें और मकानों की कीमत दोनों बढ़े हैं. इससे देश में डिमांड कम हो रही है. सरकार इस लिमिट को 5 लाख रुपए कर सकती है.

रियल एस्टेट कंपनी एसोटेक ग्रुप के चेयरमैन संजीव श्रीवास्तव का भी मानना है कि देश में अफॉर्डेबल हाउसिंग की बहुत जरूरत है. इस सेगमेंट में बीते कुछ सालों में तेजी से मकानों की संख्या कम हुई है और उसके चलते लोअर इनकम ग्रुप ने मकान खरीदने या रियल एस्टेट में इंवेस्टमेंट से हाथ पीछे खींच लिए हैं. ऐसे में सरकार क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम को पेश कर सकती है.

बजट में हो सकते हैं बदलाव?

रियल एस्टेट सेक्टर में मांग को बढ़ाने के लिए सरकार जहां जीएसटी में कटौती का उपाय कर सकती है. वहीं इंडस्ट्री को अफॉर्डेबल हाउसिंग को बढ़ावा देने के लिए कुछ राहत दे सकती है. इतना ही नहीं सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना का फिर से विस्तार भी कर सकती है.

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