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पहलवानों के धरने पर सियासत! TMC के बाद अब उद्धव गुट का समर्थन, जंतर मंतर पर टांगी केस की लिस्ट

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दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में एक तरफ रेसलिंग फेडरेशन के खिलाफ महिला पहलवानों का लगातार सातवेंदिन धरना जारी है. पहलवानों ने जंतर मंतर पर केस की लिस्ट तक टांग दी है. वहीं दूसरी ओर आज सुप्रीम कोर्ट में फिर सुनवाई होनी है. वहीं इस मामले में ओलंपिक एसोसिएशन की अध्यक्ष पीटी ऊषा की टिप्पणी पर टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा के बाद अब शिवसेना (UBT) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने प्रतिक्रिया दी है. राज्यसभा सांसद पीटी उषा ने गुरुवार को कहा था कि यह मुद्दा गंभीर है और इसे सड़क पर नहीं उछाला जाना चाहिए. बल्कि इसके लिए आईओए के पास कमेटी है.वहीं इसके जवाब में प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि यह समय अपने खिलाड़ियों को ब्लेम करने का नहीं है. बता दें कि देश के टॉप रेसलर्स में शामिल विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक आदि ने नए सिरे से फेडरेशन के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए प्रोटेस्ट शुरू किया है. इस संबंध में गुरुवार को हुई ओलंपिक कमेटी की बैठक के बाद जब कमेटी की अध्यक्ष पीटी उषा से पूछा गया तो उन्होंने सीधा सीधा खिलाड़ियों पर ही सवाल उठा दिया.कहा कि खिलाड़ियों को थोड़ा तो अनुशासन दिखाना ही चाहिए. उन्हें इसी प्रकार सड़क पर इस मुद्दे को उछालने के बजाय कमेटी के पास आना चाहिए. यह खेल के लिए किसी हाल में अच्छा नहीं कहा जा सकता. इससे पहले टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने पीटी उषा पर आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा था कि कानून को बनाने वाले ही कानून का माखौल उड़ा रहे हैं, खिलाड़ियों का शोषण हो रहा है. इससे देश की छवि को नुकसान हो रहा है. बावजूद इसके दिल्ली पुलिस केस दर्ज करने से मना कर देती है.

इसके बाद भी पीटी उषा कहती हैं कि खिलाड़ी देख की छवि को खराब कर रहे हैं. उधर, इसी मामले में विनेश फोगाट ने देश के क्रिकेटरों की चुप्पी पर सवाल उठाया है. कहा कि पूरे देश में क्रिकेट को इज्जत मिलती है, लेकिन इस मामले में क्रिकेटर भी चुप्पी साधकर बैठे हैं. लेकिन वह न्याय की लड़ाई लड़ते रहेंगे.दूसरी ओर जेवलिन थ्रोवर नीरज चोपड़ा ने पहलवानों का समर्थन किया है. उन्होंने भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण के खिलाफ पहलवानों के समर्थन में ट्वीटर पर पोस्ट किया है. लिखा है कि सड़क पर बैठकर एथलीटों को न्याय मांगना पड़ रहा है. इन पहलवानों ने राष्ट्र का प्रतिनिधित्व कर हमे गौरवांवित किया है. इनका इस तरह से न्याय के लिए दर दर की ठोकर खाना बेहद दुखद है.

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