राजस्थान। रिपोर्ट टाइम्स।
राजस्थान की भजनलाल सरकार ने राजकीय अधिकारी-कर्मचारियों के तबादलों से बैन हटा दिया है, मगर अभी शिक्षा विभाग में तबादलों को मंजूरी नहीं मिली है। 2 लाख से ज्यादा शिक्षक पिछले छह साल से तबादलों से बैन हटने का इंतजार कर रहे हैं। मगर शिक्षा विभाग में तबादलों से रोक नहीं हटने से इनके ट्रांसफर नहीं हो पा रहे हैं।
शिक्षकों के तबादलों से कब हटेगा बैन ?
राजस्थान की भजनलाल सरकार ने 10 जनवरी तक राजकीय अधिकारी-कर्मचारियों के तबादलों पर लगा बैन हटा दिया है। इस दौरान राजकीय अधिकारी- कर्मचारियों के तबादले हो सकेंगे। मगर शिक्षा विभाग में तबादलों पर लगी रोक अभी भी बरकरार है, ऐसे में शिक्षकों के तबादले नहीं हो पा रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि वह करीब छह साल से तबादलों का इंतजार कर रहे हैं, अब भजनलाल सरकार से उम्मीद थी। मगर अभी भी शिक्षा विभाग में तबादलों को मंजूरी नहीं मिली। जिससे शिक्षक निराश हैं।
2 लाख शिक्षकों को तबादलों का इंतजार
राजस्थान में थर्ड ग्रेड के लेवल 1 और 2 के 2 लाख 20 हजार शिक्षक तबादलों से बैन हटने का इंतजार कर रहे हैं। इनका कहना है कि पहले कांग्रेस सरकार में तबादलों की आस थी, मगर पूरी नहीं हुई। फिर भजनलाल सरकार ने तबादलों से बैन हटाया तो उम्मीद जागी, मगर भाजपा सरकार ने भी शिक्षा विभाग में तबादलों से बैन नहीं हटाया है। हर बार सरकार तबादला नीति तैयार होने पर ट्रांसफर की बात करती है। मगर छह साल बाद भी तबादला नीति नहीं बन पाई है।
वसुंधरा सरकार के बाद से बंद तबादले !
राजस्थान में थर्ड ग्रेड शिक्षकों के तबादले पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कार्यकाल के बाद से बंद है। वसुंधरा सरकार ने 2018 में थर्ड ग्रेड शिक्षकों के तबादले किए थे। इसके बाद से तबादले नहीं हो पाए हैं। पूर्ववर्ती गहलोत सरकार ने थर्ड ग्रेड शिक्षकों से तबादलों के लिए आवेदन भी लिए थे, मगर शिक्षकों के तबादले नहीं किए गए और ना ही तबादला नीति बन पाई।
