जोधपुर। रिपोर्ट टाइम्स।
जल जीवन मिशन घोटाले में नया मोड़ आया है, जब सुप्रीम कोर्ट ने पीएचईडी ठेकेदार पदमचंद जैन को जमानत दी। यह फैसला तब आया जब न्यायालय ने मामले में महत्वपूर्ण सवाल उठाए। सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें जस्टिस बीआर गवई, एजी मसीह और के विनोद चंद्रन शामिल थे, ने यह आदेश सुनाया कि जिस मंत्री तत्कालीन पीएचईडी मंत्री महेश जोशी को इस घोटाले में फायदा पहुंचाने की बात कही गई, उसे ही ईडी ने आरोपी नहीं बनाया। इस आदेश के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर क्यों इस मामले में मंत्री को आरोपी नहीं बनाया गया और क्या इसे लेकर आगे कोई कार्रवाई की जाएगी?
