जयपुर। रिपोर्ट टाइम्स।
राजधानी जयपुर में अपराधियों की नई चाल का पर्दाफाश हुआ है! स्टूडेंट्स के नाम पर मकान किराए पर लेकर बदमाशों ने खतरनाक साजिश रच डाली। मुहाना इलाके में पुलिस की सर्च ऑपरेशन के दौरान एक मकान से 7 पिस्तौल और 280 कारतूस बरामद हुए। मकान मालिक को भरोसे में लेने के लिए बाकायदा किरायानामा एग्रीमेंट भी करवाया गया था।
हरियाणा और झुंझुनूं के रहने वाले ये बदमाश अब फरार हैं, और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। सवाल यह है….आखिर ये हथियार किस मकसद से जमा किए गए थे? क्या जयपुर में कोई बड़ा अपराध होने वाला था? यह खुलासा शहर की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है!
जयपुर के मुहाना इलाके में पुलिस की सर्च ऑपरेशन के दौरान बड़ा खुलासा हुआ। विष्णु विहार कॉलोनी में एक बंद मकान की तलाशी लेने पर 7 पिस्टल और 280 कारतूस बरामद हुए। मकान लॉक था, लेकिन जब पुलिस ने जांच की तो अंदर छिपे खतरनाक हथियारों की सच्चाई सामने आई।
किरायेदार बने बदमाश…
SHO उदय सिंह के अनुसार, मकान मालिक ने यह मकान हरियाणा के भिवानी निवासी प्रशांत कुमार और झुंझुनूं के चिड़ावा निवासी अनिल कुमार जाट को दिसंबर 2024 में किराए पर दिया था। दोनों ने खुद को स्टूडेंट बताते हुए जयपुर में रहकर पढ़ाई और कार बाजार का बिजनेस करने की बात कही थी। मकान मालिक को भरोसे में लेने के लिए उन्होंने अपना आई-कार्ड और किरायानामा एग्रीमेंट भी जमा करवाया।
प्रथमदृष्टया जांच में सामने आया है कि ये दोनों संगठित गिरोह के सदस्य हैं और अवैध हथियारों की सप्लाई करते हैं। हरियाणा और झुंझुनूं पुलिस से इनका आपराधिक रिकॉर्ड मांगा गया है।
फिलहाल दोनों आरोपी फरार हैं। जयपुर पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर दबिश देना शुरू कर दिया है। इनके पकड़े जाने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि अवैध हथियारों की यह खेप कहां से आई और किसके लिए थी?
