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सेना में कैप्टन कैसे बनते हैं? जानिए क्या पढ़ाई करनी होगी

REPORT TIMES इंडियन आर्मी में कैप्टन बनना बहुत ही सम्मान की बात होती है. यह न सिर्फ एक स्ट्रॉन्ग करियर होता है, बल्कि इसमें देश सेवा करने का मौका भी मिलता है. बहुत से युवा इस सपने को पूरा करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें सही जानकारी नहीं मिल पाती कि इसके लिए कौन-कौन सी पढ़ाई और ट्रेनिंग जरूरी होती है. अगर आप भी जानना चाहते हैं कि सेना में कैप्टन कैसे बना जाता है, तो यह जानकारी आपके लिए है.

अगर आपने 12वीं क्लास साइंस से पास की है और आपकी उम्र 16.5 साल से 19.5 साल के बीच है, तो आप NDA यानी नेशनल डिफेंस एकेडमी की परीक्षा दे सकते हैं. यह परीक्षा UPSC द्वारा साल में दो बार कराई जाती है और पूरे देश में होती है. अगर आप यह परीक्षा पास कर लेते हैं, तो आपको पुणे स्थित NDA में तीन साल की ट्रेनिंग लेनी होती है.

इसके बाद आपको देहरादून की इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA) में भेजा जाता है, जहां आप सेना की असली ट्रेनिंग लेते हैं. ट्रेनिंग पूरी करने के बाद आप सेना में लेफ्टिनेंट बनते हैं और सेवा में कुछ साल बिताने के बाद कैप्टन के पद पर प्रमोशन मिलता है.

CDS से सेना में अफसर बनने का मौका

अगर आपने ग्रेजुएशन पूरा कर लिया है, तो आप CDS यानी कॉम्बाइंड डिफेंस सर्विसेज की परीक्षा के जरिए सेना में अफसर बन सकते हैं. यह परीक्षा भी UPSC साल में दो बार कराता है और इसे पास करने के बाद उम्मीदवारों को IMA देहरादून या OTA चेन्नई में ट्रेनिंग के लिए बुलाया जाता है. शर्त ये है कि ग्रेजुएशन पूरा करने वाले अभ्यर्थी के पास बारहवीं में फिजिक्स और मैथ मुख्य विषय के तौर पर रहे हों.यहां से ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उम्मीदवार लेफ्टिनेंट बनता है और फिर एक्सपीरियंस के आधार पर उसे कैप्टन बनाया जाता है.

इंजीनियरिंग वालों के लिए भी है खास मौका

अगर आपने इंजीनियरिंग यानी B.Tech किया है, तो आपके लिए सेना में अफसर बनने का एक अलग रास्ता होता है. इसे टेक्निकल एंट्री स्कीम (TES) कहा जाता है. इस योजना के तहत उम्मीदवारों को बिना लिखित परीक्षा के SSB इंटरव्यू और मेडिकल जांच के आधार पर चुना जाता है.

सिलेक्टेड कैंडिडेट को ट्रेनिंग दी जाती है और ट्रेनिंग पूरी होने पर वे सीधे लेफ्टिनेंट बनते हैं. इसके बाद कुछ वर्षों की सेवा पूरी करने के बाद उन्हें कैप्टन के पद पर प्रमोशन दी जाती है.

फिजिकली और मेंटली फिट होना भी जरूरी

सेना में भर्ती के लिए सिर्फ पढ़ाई ही नहीं बल्कि अच्छा स्वास्थ्य भी बहुत जरूरी होता है. उम्मीदवार की हाइट, वेट, आईसाइट, फिजिकल स्ट्रेंथ और मेंटल स्टेट सब कुछ जांचा जाता है. इसके लिए अलग से मेडिकल टेस्ट और इंटरव्यू होते हैं जिन्हें पास करना जरूरी होता है. अगर कोई इन स्टैंडर्ड्स पर खरा नहीं उतरता, तो उसे सेना में नहीं लिया जाता, चाहे उसकी पढ़ाई कितनी भी अच्छी क्यों न हो.

कितने सालों में बनते हैं कैप्टन

सेना में जब कोई व्यक्ति लेफ्टिनेंट के पद पर भर्ती होता है, तो उसे सर्विस के एक्सपीरियंस और परफॉर्मेंस के आधार पर प्रमोशन दिया जाता है. आमतौर पर दो साल की सेवा के बाद लेफ्टिनेंट को कैप्टन के पद पर प्रमोट कर दिया जाता है. हालांकि यह समय सेना की जरूरत और अफसर के काम पर भी निर्भर करता है. यदि आप मेहनती हैं और अनुशासन का पालन करते हैं, तो यह पद जल्दी भी मिल सकता है.

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