Report Times
Otherटॉप न्यूज़ताजा खबरेंदेश

पानी न कर सके पानी पानी (व्यंग्य)

reporttimes

पानी की बढ़ती कमी के कारण मानवता भी पानी पानी हो रही है। ‘नानी याद आना’ मुहावरा जगह जगह बह रहा है। जिसे पानी मिल जाता है व्यवस्था को नहीं कोसता, पड़ोसी को नहीं बताता। वैसे तो आजकल पड़ोसी मिलते जुलते नहीं। साफ़ पानी मिलना लाटरी खुलने जैसा हो गया है। तालाबों को दफन करने के बाद अब उनकी कब्रें खोदी जा रही हैं। राजनेता अगर जादूगर होते तो लोगों को हिप्नोटाइज़ करते और उन्हें महसूस करा देते हमारे पास बहुत पानी है। उन्हें हर घर में नल चिपकाने की ज़रूरत नहीं  रहती। ईश्वर मुस्कुरा रहे हैं। असलीयत का सांप सिहरन पैदा कर देता है।

Related posts

दलित नाबालिग को घर के बाहर से उठाकर बनाई हवस का शिकार

Report Times

एक अक्टूबर से बदल जाएगा स्कूलाें व अस्पतालाें का समय

Report Times

रेल इंजन पर तड़प रहे युवक की जान बच गई

Report Times

Leave a Comment