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असम में आयी अभूतपूर्व बाढ़ से कई इलाके, गांव जलमग्न हो गए हैं और फसलें तथा इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।

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असम में आयी अभूतपूर्व बाढ़ से कई इलाके, गांव जलमग्न हो गए हैं और फसलें तथा इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं

असम में बाढ़ की स्थिति शुक्रवार को भी गंभीर बनी रही और पिछले 24 घंटों में आठ और लोगों की मौत हो गई। 29 लाख से अधिक लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं। अधिकारियों ने कहा कि कछार जिला मुख्यालय, सिलचर के अधिकांश हिस्से अब भी जलमग्न हैं। लोअर असम के बारपेटा जिले में रुपाकुची गांव में सबेरा बेगम और पांच लोगों के उनके परिवार का ज्यादातर सामान बाढ़ में बह गया है लेकिन उन्होंने संकट के इस समय में एक-दूसरे का हाथ थाम रखा है।

बाढ़ प्रभावित बराक घाटी का तीसरी बार दौरा करने पहुंचे असम CM

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पिछले दस दिनों में बराक घाटी का तीसरी बार दौरा किया और वहां की स्थिति की समीक्षा करने के लिए करीमगंज पहुंचे।ज्य भर में 75 राजस्व मंडलों के तहत 2,608 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जबकि बुलेटिन के अनुसार, 3,05,565 लोगों ने 551 राहत शिविरों में शरण ली है। अस्थायी केंद्रों में आश्रय नहीं लेने वाले बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच 355 आपूर्ति केंद्रों से राहत सामग्री वितरित की गई।

खेती-क‍िसानी चौपट, फसलें तबाह

मध्य असम के मोरीगांव ज‍िले में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर है। आलम यह है क‍ि प्रभावित लोग घर छोड़कर अस्थायी जगह रहने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है क‍ि खेती-क‍ि‍सानी सब चौपट हो गई है। फसलें तबाह हो गई हैं।

असम के ज्‍यादातर गांव बने टापू, हर तरफ पानी

असम में सबसे बुरी तरह प्रभावित जिलों में कछार जिले में 14,31,652 लोग प्रभावित हैं। इसके बाद नागांव में 5,19,463 लोग और बारपेटा में 4,00,502 लोग प्रभावित हैं। बिश्वनाथ और उदलगुरी में दो तटबंध भी टूट गए हैं जबकि 221 सड़कें, पांच पुल और 557 मकान बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हो गए हैं। 76,115 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र जलमग्न है, जबकि 51 जानवर बह गए हैं

असम में आयी अभूतपूर्व बाढ़ से कई इलाके, गांव जलमग्न हो गए हैं और फसलें तथा इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। लोअर असम के बारपेटा जिले में रुपाकुची गांव में सबेरा बेगम और पांच लोगों के उनके परिवार का ज्यादातर सामान बाढ़ में बह गया है लेकिन उन्होंने संकट के इस समय में एक-दूसरे का हाथ थाम रखा है।

असम में बाढ़ की स्थिति शुक्रवार को भी गंभीर बनी रही और पिछले 24 घंटों में आठ और लोगों की मौत हो गई। 29 लाख से अधिक लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं। अधिकारियों ने कहा कि कछार जिला मुख्यालय, सिलचर के अधिकांश हिस्से अब भी जलमग्न हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, इस साल बाढ़ और भूस्खलन के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 159 हो गई, जबकि एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना मिली है, जिससे लापता लोगों की कुल संख्या 36 हो गई। मध्य असम के मोरीगांव ज़िले में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर है। प्रभावित लोग घर छोड़कर अस्थायी जगह रहने के लिए मजबूर हैं। असम में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनती जा रही है। नदियों के जलस्‍तर में इजाफा होने से लोग घरों में कैद होकर रहे गए हैं। असम में बाढ़ का कहर, रोड किनारे रह रहे लोग

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