Report Times
latestOtherचिड़ावाटॉप न्यूज़ताजा खबरेंधर्म-कर्म

जन्म भूमि और कर्म भूमि का ऋण कभी नहीं चुकाया जा सकता : संत नारायण भारती

REPORT TIMES
चिड़ावा। संत नारायण भारती ने कहा कि जन्मभूमि और कर्मभूमि का ऋण कभी नहीं चुकाया जा सकता।  चिड़ावा शहर उनकी जन्म और कर्मभूमि रहा है। ऐसे में वे इस धरती का कभी ऋण नहीं चुका सकते।भगवान चंद्रघंटेश्वर महादेव वरिया भगजी ढाणा, बालोतरा के पीठाधीश्वर संत नारायण भारती महाराज तीन दिवसीय प्रवास पर मंगलवार को चिड़ावा पहुंचे। इस दौरान टीबड़ा गेस्ट हाऊस में उनका पूर्व पालिकाध्यक्ष सुभाष शर्मा अव अन्य शिष्यों ने पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि जब भी चिड़ावा आते है तो यहां अपनों से मिलकर बेहद सुकून महसूस होता है। उन्होंने प्रवचन देते हुए कहा कि पीड़ित मानवता की सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। ईश्वर की भक्ति में जो आनंद है, उससे बढ़कर आनंद कहीं नहीं है। इस दौरान पूर्व पार्षद मनोहरलाल जांगिड़, सुरेश जलिंद्रा, प्रदीप पुजारी, अनिल जोशी, चंद्रकांत जोशी, रमेश जांगिड़, संदीप जोशी,
संजय दाधीच, रमाकांत फतेहपुरिया, नरोत्तम कोतवाल,  आनंद मोरोलिया सहित काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
इस दौरान संत ने पुराने शिष्यों से मिलकर अपनी चिड़ावा जा पुरानी यादें ताजा की। प्रवक्ता अनिल जोशी ने बताया कि संत 19 जुलाई को दोपहर तीन बजे चिड़ावा पहुंचेंगे। उनका टीबड़ा गेस्ट हाऊस में शिष्यों व शहर के गणमान्यजनों द्वारा स्वागत किया जाएगा। वे लोगों से 20 और 21 जुलाई को सुबह 11 से 4 बजे तक लोगों से मिलेंगे। वहीं 21 जुलाई को रात 9 बजे प्रवचन का कार्यक्रम होगा। संत के आगमन को लेकर शिष्य तैयारियों में जुटे हैं।
Advertisement

Related posts

किसान जागरूकता मेले का आयोजन:बाजरे की किस्मों की दी जानकारी, लक्की ड्रा से किसानों का सम्मान

Report Times

जल्द दौड़ेगी इलेक्ट्रीक ट्रेन:सीआरएस ने किया चिड़ावा रेलवे स्टेशन का निरीक्षण, लोहारु तक अब बिजली से चलेगी ट्रेन

Report Times

प्रेमी ने विवाहिता को खेत में पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया, सहेलियों के साथ जाने पर प्रेमी को आया गुस्सा इलाके में तनाव के हालात

Report Times

Leave a Comment