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अजमेर ‘बदलापुर’ कांड: पूर्व पार्षद को दिनदहाड़े गोलियों से भूना, 30 साल बाद बेटों ने लिया बाप की मौत का बदला

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अजमेर जिले के पुष्कर में एक युवराज फोर्ट रिसोर्ट है जहां शनिवार को हुई गोलियों की गड़गड़ाहट ने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया. रिसोर्ट में बने स्वीमिंग पूल के पास खिली धूप में पूर्व पार्षद सवाई सिंह अपने दोस्तों के साथ चाय का लुत्फ उठा रहे थे तभी अचानक वहां हेलमेट लगाकर तीन आदमी आए और कमरे का पूछने के बाद अचानक तीनों ने दोनों हाथों से अपनी पिस्टल निकाली और अंधाधुंध फायरिंग कर दी. इस गोलीबारी में सवाई सिंह की मौके पर ही मौत हो गई वहीं उनके दोस्त दिनेश गोली लगने से घायल हो गए. वहीं गोली मारने के बाद हेलमेट पहने एक हमलावर ने कहा- ‘मैंने बाप की मौत का बदला ले लिया है’. हमलावर की यह लाइन सुनते ही एक बार फिर अजमेर का बहुचर्चित अश्लील फोटो ब्लैकमेल कांड चर्चा में आ गया जो उस जमाने में अखबारों की सुर्खियों में छाया रहता था. बता दें कि इस कांड के अखबारों में आने के बाद अक्टूबर 1992 में अजमेर के पत्रकार मदन सिंह की हत्या कर दी गई थी. वहीं अब गोलीबारी करने वाले 3 हमलावरों में सूर्य प्रताप सिंह और उसका भाई धर्म प्रताप सिंह थे जो मदन सिंह के बेटे हैं. आइए आपको बताते हैं कि कौनसी घटना से इस बदलापुर कांड के तार जुड़े हैं और आखिर क्यों 30 साल तक पत्रकार मदन सिंह के बेटे बदले की आग में झुलसते रहे.

बताया जा रहा है कि अपने पिता के मर्डर का बदला लेने के लिए बेटों ने 30 साल बाद पूर्व पार्षद को दिन-दहाड़े गोलियों से भून दिया. पुलिस ने फिलहाल सूर्य प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं उसका भाई धर्म प्रताप सिंह फरार है.

घटना का वीडियो हुआ वायरल

वहीं पूरी घटना का एक वीडियो भी वायपल हुआ है जिसमें युवराज रिसॉर्ट का गेट दिख रहा है जहां एक युवक कहता है कि मैंने बाप की मौत का बदला ले लिया है. बता दें कि 31 साल पहले सूर्य प्रताप सिंह के पिता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जिसमें सवाई सिंह भी आरोपी था जिसे बाद में कोर्ट ने बरी कर दिया था. वहीं सूर्य प्रताप सिंह के खिलाफ पहले से 9 मुकदमे दर्ज हैं और 3 में वह सजा काट चुका है.

वहीं घटना के बाद घायलों को स्थानीय हॉस्पिटल में ले जाया गया जहां से अजमेर के जेएलएन हॉस्पिटल रेफर किया गया. इस हादसे में पूर्व पार्षद सवाई सिंह (70) की मौत हो गई. वहीं, उनके दोस्त राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कर्मचारी संघ के पूर्व अध्यक्ष दिनेश तिवाड़ी (68) का फिलहाल इलाज चल रहा है.

अश्लील फोटो कांड में हुई थी पत्रकार मदनसिंह की हत्या

दरअसल अजमेर का बहुचर्चित अश्लील फोटो ब्लैकमेल कांड जब अखबारों की सुर्खियों में था तब अक्टूबर 1992 में पत्रकार मदन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. घटना के मुताबिक श्रीनगर रोड पर पुलिया के पास स्कूटर सवार मदनसिंह पर फायरिंग की गई थी जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हुए थे और इसके बाद उन्होंने पुलिया से नाले में छलांग लगाकर जान बचाई थी. वहीं मदनसिंह को गंभीर हालत में जेएलएन अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां अस्पताल में मदन सिंह की सुरक्षा के लिए पुलिस जाब्ता लगाया गया था लेकिन रात के अंधेरे में कम्बल ओढे़ चार-पांच लोग अस्पताल में पहुंचे और पलंग के सामने से मदन सिंह पर फायरिंग कर हत्या की गई. इस घटना के बाद प्रत्यक्षदर्शी मदन सिंह की मां के बयानों के आधार पर कांग्रेस के पूर्व विधायक डॉक्टर राजकुमार जयपाल, सवाईसिंह, नरेन्द्र सिंह सहित अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा चला था और कुछ समय बाद सबूतों के अभाव में अदालत ने इस मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया था.

 

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