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‘पायलट का मुद्दा सही, तरीका गलत’, अनशन पर बोले रंधावा, कांग्रेस अध्यक्ष को सौंपी रिपोर्ट

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राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने एक बार फिर अपनी ही गहलोत सरकार के खिलाफ अनशन करके मुश्किल खड़ी कर दी है. वहीं आलाकमान तक मामला पहुंचने के बाद अब कांग्रेस के अगले कदम पर सबकी नजरें टिकी हैं. हालांकि राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने बुधवार को इस मसले पर अपनी रिपोर्ट दे दी है. इसमें उन्होंने सचिन पायलट द्वार उठाए गए भ्रष्टाचार के मुद्दे को सही ठहराया है.हालांकि राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर रंधावा ने यह भी कहा कि सचिन पायलट ने मुद्दा उठाने के लिए जो तरीका अपनाया वो गलत था. उन्होंने सवाल किया कि जब विधानसभा का सत्र चल रहा था, तब पायलट ने ये मसला क्यों नहीं उठाया? वहां उठाते तो मुख्यमंत्री गहलोत जवाब दे देते.

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सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश

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कांग्रेस प्रभारी ने रंधावा ने कहा कि, सचिन पार्टी के लिए एसेट हैं, लेकिन इस तरह धरना देना एक पार्टी विरोधी गतिविधि है. इसके बावजूद उन्होंने धरना दिया, लेकिन जब तक वह एक दायरे में रहे तब तक भी ठीक था. लेकिन धरने के बाद जो बयान उन्होंने दिया उससे लगा कि वह अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं.

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सवालों के घेरे में धरने की टाइमिंग

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साथ ही रंधावा ने यह भी कहा कि धरने की टाइमिंग भी सवालों के घेरे में है क्योंकि, उससे पहले सचिन पायलट ने प्रभारी से किसी तरह की चर्चा नहीं की. पिछले प्रभारी से सचिन ने चर्चा की होगी, लेकिन धरना आप आज दे रहे हैं, तो वर्तमान प्रभारी से भी चर्चा करनी थी. गजेंद्र सिंह शेखावत पर एक्शन के लिए गहलोत सरकार की तारीफ करते हुए सचिन ने कहा था कि, वसुंधरा मसले पर भी एक्शन हो, लेकिन वह मुख्यमंत्री को उससे जोड़ते नज़र आये.

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मल्लिकार्जुन खरगे को सौंपी रिपोर्ट

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पूरे मामले पर कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर रंधावा ने रिपोर्ट तैयार करके मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल से चर्चा की है. ऐसे में अब गेंद कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के पाले में है. अब सचिन अगर गहलोत को नहीं हटाने पर मान जाते हैं, तब बीच का रास्ता निकल सकता है, अन्यथा फिर पार्टी पायलट को नोटिस थमा सकती है. क्योंकि कांग्रेस को लगता है कि, चुनाव में बहुत कम वक्त है, ऐसे में अब बदलाव भी सम्भव नहीं है और वो सचिन को भी खोना नहीं चाहती है. कुल मिलाकर खरगे इस मसले को सुलझाने के हक़ में तो हैं, लेकिन सबसे बातचीत करके, आनन फानन में नहीं.

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कांग्रेस का संकट सुलझाने के लिए कमलनाथ की एंट्री

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सूत्रों के मुताबिक राजस्थान कांग्रेस संकट को सुलझाने के लिए कमलनाथ की एंट्री हो गई है. दरअसल बुधवार सुबह पहले रन्धावा, केसी वेणुगोपाल की मुलाकात हुई. फिर दोनों राहुल गांधी से मिले. उसके बाद दोनों की खरगे से मुलाकात हुई. इसके बाद केसी और रन्धावा कमलनाथ के घर गए, लेकिन सिर्फ केसी ने ही कमलनाथ से मुलाकात की. कमलनाथ के राजेश पायलट परिवार से पुराने सम्बन्ध रहे हैं, ऐसे में सचिन पायलट, केसी, रन्धावा के बीच कमलनाथ के घर गुपचुप बैठक हो सकती है. इससे पहले कमलनाथ ने सोनिया से मुलाकात की थी. उधर केसी मुख्यमंत्री गहलोत के भी सम्पर्क में हैं.

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