राजस्थान के सीकर जिले के सांवली रोड स्थित जलदाय विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सरकार के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के कॉर्पोरेशन में विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करते हुए कहा कि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को कॉर्पोरेशन में परिवर्तित कर सरकार सरकारी विभागों का निजीकरण कर रही है. हम इसके खिलाफ काली पट्टी बांधकर सांकेतिक रूप से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. उनकी मांग है कि सरकार को यह निर्णय वापस लेना होगा वरना पूरे राजस्थान बड़ा आंदोलन किया जाएगा. कर्मचारियों का कहना है कि राज्य सरकार निजीकरण के बाद जनता के पानी के बिलों में भी भारी बढ़ोतरी कर सकती है. इसके साथ ही राज्य सरकार कार्यरत कर्मचारियों के भविष्य पर प्रश्न चिन्ह लगने का प्रयास कर रही है.

राजस्थान पानी की बिलों में होगी 10 गुणा बढ़ोतरी
जलदाय विभाग के कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के सचिन माथुर ने जानकारी देते हुए कहा कि राजस्थान जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को कॉर्पोरेशन में बदलने के लिए सरकार के बजट में प्रावधान लाया गया है. जिसके अनुसार जलदाय विभाग के कर्मचारियों को धीरे-धीरे कॉर्पोरेशन में शामिल कर लिया जाएगा. उन्होंने कहा राज्य सरकार की ओर से जलदाय विभाग का निजीकरण करने से सरकार की आय और खर्चे में में काफी अंतर आ जाएगा. इस अंतर को खत्म करने के लिए सरकार जनता को दिए जा रहे पानी के बिलों में भी 10 गुना तक बढ़ोतरी कर सकती है. इसलिए आमजन के साथ कर्मचारियों के भविष्य का भी सवाल है. इसी को लेकर आज पूरे राजस्थान में जलदाय विभाग के कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर सरकार के इससे निर्णय का विरोध किया है. सरकार से मांग है कि वह अपने इस निर्णय को वापस लें. अगर सरकार की ओर से कर्मचारियों की मांगे नहीं मानी जाती है तो पूरे राजस्थान में बड़ा आंदोलन होगा. जिसका निर्णय राजस्थान स्तर के कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों की ओर से किया जाएगा.
