पेरिस ओलंपिक में भारत की निशानेबाज मनु भाकर ने दूसरा कांस्य पदक जीत कर इतिहास रच दिया है. ओलंपिक खेलों के चौथे दिन मनु भाकर और सरबजोत सिंह की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल की मिक्स्ड स्पर्धा में कांस्य पदक जीता. सोमवार (29 जुलाई) को इस मुकाबले में मनु भाकर और सरबजोत की जोड़ी ने कांस्य पदक के लिए होने वाले मैच में जगह पक्की की थी. मंगलवार को उन्होंने इस मुकाबले में दक्षिण कोरिया को 16-10 से हरा कर पदक अपने नाम किया. इसके साथ ही पेरिस ओलंपिक में भारत के पदकों की संख्या दो हो गई है. रविवार (28 जुलाई) को मनु भाकर ने शूटिंग में कांस्य पदक जीतकर भारत के लिए पदकों का खाता खोला था. मनु भाकर ने यह पदक जीत कर एक नया इतिहास बनाया था. वह ओलंपिक में शूटिंग में भारत को पदक दिलाने वाली पहली महिला निशानेबाज बनी थीं. मंगलवार को मनु भाकर ने दूसरा मेडल जीत कर एक और इतिहास बना डाला. मनु एक ही ओलंपिक में दो मेडल जीतने वाली भारत की पहली खिलाड़ी बन गई हैं.

मनु भाकर और सरबजोत सिंह की इस शानदार सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी है. उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा है – “हमारे शूटर्स लगातार हमारा गौरव बढ़ा रहे हैं. मनु भाकर और सरबजोत सिंह ने ओलंपिक के 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड इवेंट में कांस्य पदक जीता है. दोनों खिलाड़ियों ने शानदार कौशल और टीमवर्क का प्रदर्शन किया है. भारत को असाधारण खुशी मिली है.”
मनु भाकर का पहला मेडल, शूटिंग में 12 साल बाद खोला भारत का खाता
मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक के दूसरे दिन कांस्य पदक जीत कर इस बार ओलंपिक में भारत का खाता खोला था. निशानेबाजी में 12 साल बाद भारत की झोली में पदक आया था. इससे पहले रियो ओलंपिक 2016 और टोक्यो ओलंपिक में भारतीय निशानेबाजों को खाली हाथ लौटना पड़ा था. टोक्यो 2020 में मेडल न जीत पाने के बाद मनु काफी निराश हो गईं थी. इसके बाद उन्होंने भारत के पूर्व शूटर और कोच जसपाल राणा के साथ मिलकर ओलंपिक के लिए कड़ी मेहनत की और 10 मीटर एयर पिस्टल मुकाबले के फाइनल में 221.7 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया.
