राजसमंद। रिपोर्ट टाइम्स।
हर पिता का सपना होता है कि उसकी बेटियां उसके नाम को गर्व से ऊंचा करें। अपने सपनों को साकार करने के लिए पिता न केवल उनकी हर जरूरत पूरी करते हैं, बल्कि उन्हें उड़ान भरने का हौसला भी देते हैं। राजस्थान के राजसमंद जिले के देवगढ़ में रहने वाले भंवरलाल रावल ने भी अपनी बेटियों के लिए ऐसा ही किया। दूध बेचकर परिवार चलाने वाले भंवरलाल ने अपनी बेटियों कविता और पद्मा रावल को शिक्षा का ऐसा आधार दिया, जिसने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे रावल समाज का गौरव बढ़ाया।
यह कहानी सिर्फ एक परिवार की नहीं है, बल्कि उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो कठिन हालातों में भी अपने सपनों का पीछा करना नहीं छोड़ते। भंवरलाल और उनकी बेटियों ने अपने संघर्ष और मेहनत के बल पर न केवल अपनी जिंदगी बदली, बल्कि समाज के लिए एक मिसाल पेश की।
