दिल्ली। रिपोर्ट टाइम्स।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 2025-26 के लिए केंद्र सरकार का बजट पेश कर रही हैं. उनके बजट की शुरूआत विपक्षी नेताओं के हंगामे से हुई. आखिरकार, लोकसभा से विपक्षी सांसदों ने वॉकआउट कर दिया. सीतारमण ने कहा कि ये बजट गरीब, नौजवान, अन्नदाता और नारी पर ध्यान देते हुए तैयार किया गया है. आइये जानें की बजट में शिक्षा सेक्टर को लेकर किस तरह की बड़ी घोषणाएं की गई हैं
बजट में शिक्षा पर 8 बड़े ऐलान
- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया है कि कम से कम 50 हजार अटल टिंकरिंग लैब अगले पांच बरस में बनाए जाएंगे. दावा है कि इसके जरिये नौजवानों में वैज्ञानिक चेतना का प्रसार किया जाएगा.
- सरकार ने कहा है कि सभी सरकारी सेकेंड्री स्कूल में इंटरनेट ब्रॉडबैंड की व्यवस्था मुहैया कराई जाएगी. साथ ही, प्राथमिक स्वास्थ्य से संबंधित सेटर भी स्थापित किए जाएंगे. इस तरह, बजट का एक मकसद डिजिटल डिवाइड को कम करना भी नजर आता है.
- नौजवानों के कौशल को बेहतर करने के लिए पांच नेशनल सेंटर स्थापित होंगे. यहां ग्लोबल विशेषज्ञों की मदद से कौशल के क्षेत्र में काम किया जाएगा. ताकि छात्र अपने हुनर को निखार सकें.
- बजट में निर्मला सीतारमण ने भारतीय भाषा पुस्तक स्कीम की घोषणा की है. इसके जरिये भारतीय भाषा में किताबों की पहुंच, वह भी डिजिटल तरीके से प्राथमिक और उच्च शिक्षा की किताबें उपबल्ध कराई जाएंगी.
- केंद्र सरकार आने वाले दिनों में पांच आईआईटी में अतिरिक्त बुनियादी संरचना उपलब्ध कराएगी. खासकर, बिहार में की राजधानी पटना में मौजूद आईआईटी का काफी विस्तार किया जाएगा.
- अगले पांच बरस में आईआईटी और आईआईएससी में तकनीक और रिसर्च के क्षेत्र में काम करने के लिए 10 हजार फेलोशिप दी जाएगी. इसके जरिये सरकार का मकसद रिसर्च को बढ़ावा देना है.
- अगले पांच बरस में आईआईटी और आईआईएससी में तकनीक और रिसर्च के क्षेत्र में काम करने के लिए 10 हजार फेलोशिप दी जाएगी. इसके जरिये सरकार का मकसद रिसर्च को बढ़ावा देना है.
- अगले साल 10 हजार सीटें मेडिकल कॉलेज और अस्तपालों में बढ़ाई जाएंगी. वहीं, अगले पांच साल में कुल मिलाकर 75 हजार सीटें मेडिकल कॉलेज और अस्तपालों में बढ़ाई जाएंगी.
