रिपोर्ट टाइम्स।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के काफिले को बचाने के प्रयास में ASI की जान जाने का मामला संसद में उठा। इस मामले को नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने उठाया। उन्होंने संसद में कहा कि किसान के बेटे ने शहादत दी है…इस मामले में तुरंत संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। शहीद सुरेंद्र सिंह चौधरी के परिजनों की मांगों का समाधान किया जाना चाहिए।
संसद में मांग, ASI को शहीद का दर्जा दें
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने दिल्ली में संसद सत्र में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने संसद में राजस्थान के एक मामले पर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षण करवाया। यह मामला राजस्थान के मुख्यमंत्री के काफिले को बचाने के प्रयास में एक ASI सुरेंद्र सिंह की जान जाने का है। RLP सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस मुद्दे पर संसद में कहा कि 11 दिसंबर 2024 को ASI सुरेंद्र सिंह ने राजस्थान के मुख्यमंत्री के काफिले की सुरक्षा करते हुए प्राणों की आहुति दे दी। उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाना चाहिए।
आप कौनसा कलेक्टर बना रहे हैं
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने ASI सुरेंद्र सिंह के परिवार को आर्थिक मदद देने की मांग की। इसके साथ ही कहा कि ASI सुरेंद्र सिंह के परिवार के एक सदस्य को नायब तहसीलदार की नौकरी दी जाए। उन्होंने कहा कि परिवार नायब तहसीलदार की नौकरी ही मांग रहा है, आप कौनसा कलेक्टर बना रहे हैं। पहले भी राजस्थान के अंदर ऐसा हुआ है। अब किसान के बेटे ने शहादत दी है। शहीद सुरेंद्र चौधरी के परिजनों की मांगों को पूरा किया जाना चाहिए।
कौन हैं ASI सुरेंद्र सिंह, क्या है मामला?
ASI सुरेंद्र सिंह जयपुर में तैनात थे। दिसंबर 2024 में जयपुर में ही मुख्यमंत्री का काफिला निकल रहा था। एक कार उस तरफ जाने लगी, जिसे ASI ने रोकने की कोशिश की, तो कार ने ASI को टक्कर मार दी, जिसमें वह घायल हो गए और इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। इसके बाद उनके परिजनों ने ASI सुरेंद्र सिंह को शहीद का दर्जा देने के साथ नायब तहसीलदार की नौकरी सहित कुछ मांग की थी। जो अभी पूरी नहीं हो पाई हैं।
