रिपोर्ट टाइम्स।
राजस्थान में फोन टैपिंग का जिन्न एक बार फिर निकल आया है। इस बार भजनलाल सरकार पर अपने नेता की फोन टेपिंग के गंभीर आरोप लगे हैं। जिसके बाद राजस्थान की सियासत गरमाती नजर आ रही है।
राजस्थान में सरकार पर फोन टेपिंग के आरोप पहली बार नहीं लगे हैं। राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार भी फोन टेपिंग के आरोपों में घिरी थी, यह विवाद अभी भी थमा नहीं है।
फिर निकला फोन टेपिंग का जिन्न
फोन टेपिंग का जिन्न फिर बाहर आ गया है। इस बार भजनलाल सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीना ने फोन टेपिंग के आरोप लगाए हैं।
डॉ. किरोड़ी लाल मीना का कहना है कि उनकी जासूसी करवाई जा रही है। इसके अलावा उनके फोन भी टेप किए जा रहे हैं। मगर इससे मुझे फर्क नहीं पड़ता। मैं कोई बुरा काम नहीं करता, इसलिए डरता भी नहीं। झुकता भी नहीं और टूटता भी नहीं। डॉ. किरोड़ी लाल मीना के इस बयान के बाद सरकार की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है।
गहलोत सरकार पर भी फोन टेप के आरोप
सरकार पर फोन टेपिंग के आरोप लगने का यह पहला मामला नहीं है। राजस्थान में पूर्ववर्ती गहलोत सरकार के दौरान भी फोन टेपिंग पर जमकर बवाल हो चुका है। राजस्थान में जुलाई 2020 कांग्रेस सरकार के दौरान कांग्रेस के ही कुछ नेताओं के कथित तौर पर बगावती तेवर अपनाने के बाद CM गहलोत के OSD लोकेश शर्मा ने मीडिया को कुछ ऑडियो क्लिप भेजे थे।
जिनमें सरकार गिराने की साजिश के आरोप थे। इसके बाद भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर फोन टेपिंग के आरोप लगाए थे। यह मामला संसद तक उठा, वहीं केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस मामले में FIR भी करवाई थी।
बगावत के खिलाफ फोन टेपिंग हथियार !
राजस्थान में कांग्रेस की सरकार के बाद अब भाजपा की सरकार भी फोन टेपिंग के आरोपों का सामना कर रही है। इन दोनों ही मामलों की तुलना करें तो इनमें एक समानता नजर आती है। गहलोत सरकार के वक्त फोन टेपिंग का खुलासा होने पर सामने आया था कि कांग्रेस सरकार की ओर से बगावती स्वर उठाने वाले नेताओं की फोन टेपिंग करवाई गई।
इसी तरह अब डॉ. किरोड़ी लाल मीना का कहना है कि वह सब इंस्पेक्टर भर्ती रद्द करने की मांग कर रहे हैं। इसके बाद उनकी जासूसी के साथ फोन टेप करवाए गए। जिससे जाहिर होता है कि क्या राजस्थान में बगावत को थामने के लिए फोन टेपिंग का ट्रेंड तो नहीं चल पड़ा?
