Report Times
latestOtherटॉप न्यूज़ताजा खबरेंदेशभीलवाड़ाराजस्थानसोशल-वायरलहादसा

होली की रात दर्दनाक हादसा, जीजा-साले व रिश्तेदार की मौत खाई में मिला एक शव

भीलवाड़ा। रिपोर्ट टाइम्स।

कोटा हाइवे पर नया गांव के नजदीक होली की रात राशन सामग्री लेकर सिजारे के खेत जा रहे जीजा-साले सहित तीन युवाओं की सडक़ हादसे में मौत हो गई। तीनों बाइक पर सवार थे, जिन्हें तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी थी। दो युवक ही रात में गंभीर हालत में मिले थे, जबकि तीसरा 30 फीट गहरी खाई में जा गिरा था, जो शुक्रवार सुबह मिला।

तीनों शव पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिये। इस घटना से तीनों नौजवानों के परिवारों में होली के त्योंहार की खुशियां मातम में बदल गई। वहीं भील समाज में शोक छा गया। शुक्रवार को तीनों शवों का उनके गांवों में गमगीन माहौल में दाह-संस्कार किया गया। बीगोद थाने के दीवान सतपाल ने बताया कि गुरुवार को होली की रात बीगोद से सोपुरा की ओर जा रही बाइक को नया गांव के नजदीक सामने से आई तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी।

भिड़ंत इतनी जोरदार थी, जिससे कि बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गये, वहीं दोनों वाहन भी बूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गये। सडक़ पर मिले दो युवकों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। इनकी पहचान शुक्रवार सुबह मालपुरिया निवासी रामस्वरुप पुत्र शंकर भील व लोडियाना हाल नरसीसागर निवासी भैंरू पुत्र शंभु भील के रूप में कर ली गई।

सुबह खाई में मिला एक शव

पुलिस का कहना है कि शुक्रवार सुबह नया गांव के नजदीक बीती रात हुये दुर्घटनास्थल के पास 30 फीट गहरी खाई में एक शव मिला। यह मृतक भी रात में हुये हादसे के वक्त उसी बाइक पर सवार था, जो वाहनों की टक्कर के बाद उछल कर सडक़ किनारे खाई में जा गिरा था। इसकी पहचान बीलिया निवासी प्रहलाद पुत्र रतन भील के रूप में कर ली गई। प्रहलाद के शव का बीगोद, जबकि दो अन्य मृतकों रामस्वरुप व भैंरू के शवों का जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया गया।

मृतक थे जीजा-साला और रिश्तेदार

मृतक प्रहलाद के रिश्तेदार जावल निवासी धन्नालाल भील ने बताया कि हादसे में तीन नौजवानों की मौत हुई। इनमें मृतक प्रहलाद जीजा,रामस्वरुप साला और भैंरू इनका रिश्तेदार था। तीनों की मौत से भील समाज में शोक छा गया।

दो-दो बच्चों के पिता थे जीजा-साला

धन्नालाल भील ने बताया कि रामस्वरुप व प्रहलाद के एक-एक बेटा-बेटी थे। जबकि भैंरू के कोई संतान नहीं थी। वहीं ये तीनों दो-दो भाइयों में एक थे। इनकी मौत से तीनों के परिवारों पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। तीनों शवों का उनके गांवों में गमगीन माहौल में दाह-संस्कार किया गया।

Related posts

सेंट विवेकानंद स्कूल में वर्तमान में आज़ादी का महत्व पर भाषण प्रातियोगिता का आयोजन

Report Times

राजस्थान: चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने 2773 पदों पर भर्ती के प्रस्तावों को दी मंजूरी

Report Times

अमेरिका से आ रहे 119 अवैध अप्रवासी भारतीय

Report Times

Leave a Comment