Report Times
EntertainmentlatestOtherटॉप न्यूज़ताजा खबरेंदेशमनोरंजनसोशल-वायरल

‘गदर 2’ पर भारी पड़ गई ‘जाट’, सनी देओल को हल्के में लेने वालों को बोलना पड़ेगा ‘सॉरी’

रिपोर्ट टाइम्स।

गदर 2 के डेढ़ साल बाद सनी देओल फिल्म जाट के साथ थिएटर में लौट आए हैं. इस फिल्म से सच कहूं तो मुझे कुछ खास उम्मीदें नहीं थीं. प्रेस शो न होने की वजह से सुबह-सुबह ये फिल्म देखने जाना पड़ा, लेकिन फिल्म ने शुरुआत के 10 मिनट में ही नींद उड़ा दी. फिल्में किस तरह से चुननी चाहिए? ये सनी देओल अच्छे से सीख चुके हैं. जाट में 67 साल की उम्र के सनी देओल की लगाई हुई ये दहाड़ अब नॉर्थ से लेकर साउथ तक गूंजेगी, क्योंकि ये फिल्म हर मामले में गदर 2 से भी बेहतर है.

कहानी

कहानी की शुरुआत होती है साल 2009 से. श्रीलंका में मजदूरी कर रहे दो मज़दूर भाइयों राणातुंगा (रणदीप हुड्डा) और सोमलू (विनीत कुमार सिंह ) को ज़मीन की खुदाई करते वक़्त सोने के ईटों से भरा एक बक्सा मिलता है. इस बक्से को लेकर दोनों श्रीलंका छोड़ भारत के आंध्र प्रदेश आ जाते हैं. अब ये गुंडा एक इडली और सॉरी के चक्कर में कैसे एक जाट से टकराता है, ये जानने के लिए आपको थिएटर में जाकर जाट देखनी होगी.

कैसी है ये फिल्म?

एक्शन फिल्मों के फैन्स के लिए सनी देओल की जाट एक बेहतरीन सिनेमैटिक तोहफा है. गोपीचंद मालिनेनी और मैथ्री फिल्म ने सही मायने में एक पैन इंडिया फिल्म बनाई है. हाल ही में मलयालम फिल्मों के सुपरस्टार मोहनलाल ने पैन इंडिया फिल्मों की परिभाषा समझाते हुए कहा था कि पैन इंडिया फिल्म वो नहीं होती, जो तेलुगू, तमिल या कन्नड़ इंडस्ट्री के ऐक्टर्स के साथ बनाकर हिंदी और अन्य भाषा में रिलीज की जाए, बल्कि असली पैन इंडिया फिल्म वो होती है,

जिसमें साउथ के साथ नॉर्थ के भी ऐक्टर्स शामिल हो. जाट वही असली पैन इंडिया फिल्म है. ये शुरुआत से लेकर अंत तक हमें कनेक्ट करके रखती है. इस फिल्म में न तो रोमांस है, न ही कोई लव स्टोरी है, न ही रोमांटिक गाने लेकिन फिल्म देखते हुए हमें ये बिलकुल भी याद नहीं रहता और इस बात का श्रेय देना पड़ेगा फिल्म के निर्देशक गोपीचंद मालिनेनी को, वो इस फिल्म को जिस तेजी से आगे बढ़ाते हैं, हमें सोचने का मोका नहीं मिलता.

Sunny Deol Phot

सनी देओल

निर्देशन और लेखन

निर्देशन के साथ जाट की कहानी, स्क्रीनप्ले दोनों पर गोपीचंद मालिनेनी ने काम किया है. ये फिल्म उनके लिए भी ख़ुद को साबित करने का सुनहरा मौक़ा था और उन्होंने इस मौके का पूरा फायदा उठाया है. गोपीचंद ने अपनी फिल्म में खूब वायलेंस दिखाया है, लेकिन ये वायलेंस एनिमल या दसरा जैसा हिंसा का महिमामंडन करने वाला नहीं है, बल्कि गोपीचंद इस हिंसा का एक सॉलिड कारण देते हैं. जब सेकंड हाफ में फिल्म थोड़ी प्रेडिक्टेबल लगने लगती है, तब फिल्म के निर्देशक कहानी में और एक ट्विस्ट लेकर आते हैं और फिर एक बार ये कहानी हमें दिलचस्प लगने लगती है. एक शानदार फिल्म बनाने के गोपीचंद के इस मिशन में फिल्म की कास्ट ने उनका पूरा साथ दिया है.

एक्टिंग

सनी देओल फिर एक बार अपनी एक्टिंग से दिल जीत लेते हैं. सनी देओल का एक्शन देखकर एक बात ज़रूर शेयर करना चाहूंगी. पिछले हफ्ते सलमान खान की फिल्म सिकंदर रिलीज़ हुई थी. सलमान खान और सनी देओल दोनों ने फिल्म में एक्शन सीन परफॉर्म किए हैं, दोनों की मूवमेंट ज्यादा नहीं है. लेकिन सनी देओल का एक्शन कमाल लगता है और सलमान का जबरदस्ती वाला. ए आर murgados जैसा निर्देशक जो कर नहीं पाया वो गोपीचंद ने कर दिखाया है.

रणदीप हुड्डा और विनीत सिंह का नाम ही काफी है. इस फिल्म के कास्टिंग डायरेक्टर को पूरे मार्क्स देने होंगे. सभी ऐक्टर्स ने अपने किरदार को न्याय दिया है.

Related posts

Aaj Ka Love Rashifal : आज आपका प्रेम और वैवाहिक जीवन कैसा रहेगा, पढ़ें सोमवार का लव राशिफल

Report Times

Delhi Capitals Schedule 2022: चेन्नई सुपर किंग्स के इस सीजन का पूरा शेड्यूल, पहली टक्कर होगी दमदार

Report Times

नेपाल विमान हादसे की पहली तस्वीर आयी सामने, आप कल्पना भी नहीं कर सकते कि कितना दर्दनाक था हादसा!

Report Times

Leave a Comment