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ऑपरेशन महादेव: 11 दिन पहले ही सेना के रडार में आ गए थे आतंकी मूसा और उसके साथी, T82 ने बुलाए यमराज

REPORT TIMES : भारतीय सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता मिल चुकी है. उन्होंने जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर के बाहरी इलाके में हरवान के पास लिडवास के जंगली इलाके में एक मुठभेड़ के दौरान पहलगाम हमले के हमलावर सुलेमानी समेत तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों को मार गिराया. इस एनकाउंटर को ऑपरेशन महादेव नाम दिया गया, जोकि आतंकवादी गतिविधियों की खुफिया और तकनीकी निगरानी के बाद शुरू किया गया. बताया गया है कि 18 जुलाई को खुफिया एजेंसियों ने जम्मू-कश्मीर के दाचीगाम नेशनल पार्क के पास एक इलाके में एक संदिग्ध कम्युनिकेशन को इंटरसेप्ट किया और ऑपरेशन महादेव शुरू कर दिया.

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, जल्द ही जवानों ने इलाके की तलाशी शुरू कर दी क्योंकि इंटरसेप्ट से पता चला कि जिस संचार उपकरण से सिग्नल आया था, उसके यूजर का 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकवादी हमले से कुछ संबंध था. सूत्रों को मुताबिक, रविवार-सोमवार की रात 2 बजे T82 अल्ट्रासेट एक्टिवेशन हो गया. T82 एक दुर्लभ एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेटिंग उपकरण है. इस उपकरण से सिग्नल मिलते ही आतंकियों के जहन्नुम जाने का रास्ता तय हो गया. T82 से मिले सिग्नलों से ही सुरक्षाबलों को सटीक स्थान का पता लग गया.

लगभग 11 दिनों के सर्च ऑपरेशन के बाद सोमवार सुबह लगभग साढ़े 11 बजे, 24 राष्ट्रीय राइफल्स और 4 पैरा कमांडो की एक टीम ने तीन “हाई वैल्यू पाकिस्तानी आतंकवादियों” को घेर लिया और मार गिराया गया, उनमें से एक सुलेमानी शाह था, जो लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का एक सदस्य था और जिस पर पहलगाम हमले का मुख्य शूटर और मास्टरमाइंड होने का संदेह था.

आतंकियों को पनाह देने वाले करेंगे पहचान

मुठभेड़ सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई जब 24 राष्ट्रीय राइफल्स और 4 पैरा यूनिट की एक ज्वाइंट टीम ने हरवान के मुलनार इलाके में आतंकवादी गतिविधि का पता लगाया, तो त्वरित कार्रवाई करते हुए सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों के साथ भीषण गोलीबारी की, जिसके चलते भारी हथियारों से लैस तीन आतंकवादी मारे गए.

एक अधिकारी का कहना है कि आतंकियों की पहचान की पुष्टि दो लोगों परवेज अहमद जोथर और बशीर अहमद जोथर से होने की संभावना है, जिन्हें एनआईए ने पिछले महीने पहलगाम हमलावरों को कथित तौर पर पनाह देने के आरोप में गिरफ्तार किया था. एनआईए की जांच से पता चला है कि परवेज और बशीर ने हमले से पहले हिल पार्क स्थित एक मौसमी ढोक (झोपड़ी) में तीन सशस्त्र आतंकवादियों को जानबूझकर पनाह दी थी. ये बात एजेंसी ने पिछले महीने जारी एक बयान में कही थी.

सुलेमानी शाह पहलगाम हमले का मुख्य संदिग्ध

पहलगाम के एक खूबसूरत पार्क में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय टट्टू संचालक की गोली मारकर हत्या के बाद सुलेमानी शाह का नाम मुख्य संदिग्ध के रूप में सामने आया था. मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) भी उसकी तलाश में थी. एक अधिकारी का कहना है कि ऐसा संदेह है कि वह पाकिस्तानी सेना का एक पूर्व कमांडो था. सुरक्षाबलों ने दाचीगाम के हरवान इलाके में स्थित एक ठिकाने से एक एम4 कार्बाइन और दो एके47 राइफलें, ग्रेनेड और गोला-बारूद के अलावा खाने-पीने का सामान भी बरामद किया है. मारे गए अन्य दो लोगों की पहचान आधिकारिक तौर पर उजागर नहीं की गई है.

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