सेमरियावां / सन्त कबीरनगर (यूपी)
नफीस सिद्दीकी
देश के संसद में बगैर बहस कराये, बिना मत विभाजन को स्वीकार किये तानाशाहीपूर्ण तरीके से किसान विरोधी पारित किये गये तीन कृषि कानून कृषि उपज, व्यापार और वाणिज्य विधेयक, मूल्य आश्वासन एवं कृषि सेवाओं पर किसान समझौता आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक में सब बाजार के हवाले करना किसानों के हितों के खिलाफ सबसे बड़ा विश्वासघात है।
उक्त बातें शनिवार को जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष मुहम्मद नजीर ने एक प्रेसवार्ता में कहा कि उपरोक्त तीनों नये कृषि कानूनों में एमएसपी का जिक्र न किये जाने से -सरकारी अनाज मंडिया सब्जी तथा फल मंडिया समाप्त हो जायेंगीं जिसकी वजह से किसान पूंजीपतियों द्वारा तय किये गये मूल्य पर अपने उत्पादित फसल को बेंचने के लिए बाध्य हो जाएगा। अनाज मण्डी, सब्जी व फल मण्डी खत्म करने से कृषि उपज व्यवस्था पूरी तरीके से नष्ट हो जाएगी और पूंजीपतियों को फायदा हेागा। क्योंकि मण्डियां किसान की फसल के सही वजन और सही मूल्य पर बिक्री की गारंटी होती है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की मांग है कि एक देश-एक समर्थन मूल्य के तहत पूरे प्रदेश में सारी फसलों अनाज, फल, सब्जी तीनों चीजों के पूरे देश में न्यूनतम समर्थन मूल्य तय होना चाहिए। तथा नये कानून में एमएसपी का जिक्र किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि नये कानून के तहत किसान के किसी भी उपज की खरीद एमएसपी से नीचे नहीं होनी चाहिए।नये कानून में कृषि उत्पाद का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने का जिक्र न होना इस बात की तरफ इशारा करता है कि सरकार ने कृषि व्यवस्था को पूरी तरह से कार्पोरेट और पूंजीपतियों के हवाले कर दिया है।
