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यूसीसी पर विपक्षी दलों के दर पर AIMPLB, बीजेपी को मुस्लिम महिलाओं पर भरोसा

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समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मुद्दे को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कई फ्रंट पर विरोध के लिए मोर्चा खोल रखा है तो बीजेपी ने भी मुस्लिम महिलाओं के जरिए माहौल बनाना शुरू कर दिया है. सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक फ्रंट पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड अभियान चला रही है. राजनीतिक तौर पर प्रेशर बनाने के लिए AIMPLB देश के तमाम सियासी दलों के साथ मुलाकात कर रही है. खासकर विपक्षी दलों के नेताओं से पर्सनल लॉ बोर्ड का एक प्रतिनिधि मंडल मिल रहा है, लेकिन दूसरी तरफ बीजेपी यूसीसी पर मुस्लिम महिलाओं का समर्थन जुटाने की मुहिम छेड़ रही है. यूसीसी के मुद्दे पर राजनीतिक दलों का समर्थन जुटाने के लिए मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने एक प्रतिनिधि मंडल गठित किया है, जिसमें सैय्यद कासिम रसूल इलियास, मौलाना अब्दुर्रहीम मुजद्दीदी, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता शमशाद अहमद शामिल हैं. मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का यह प्रतिनिधि मंडल पिछले दिनों कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मिलकर यूसीसी का विरोध करने की अपील कर चुका है. मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात कर यूसीसी पर कांग्रेस के रुख को साफ करने की गुजारिश की है.

वहीं, खरगे ने इस पर AIMPLB के सदस्यों से साफ तौर पर कह दिया है कि इस मामले पर कांग्रेस की नजर है, लेकिन यूसीसी का मसौदा सामने आने के बाद ही कांग्रेस अपनी कोई राय रखेगी. हालांकि, कांग्रेस ने यूसीसी के मुद्दे पर अभी तक अपना स्टैंड साफ नहीं किया है. जयराम रमेश से लेकर केसी वेणुगोपाल तक ने बस यही कहा है कि मोदी सरकार महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे से लोगों का ध्यान भटकाना चाहती है.

मुख्यमंत्री केसीआर हर हाल में यूसीसी का करेंगे विरोध

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की एक दूसरी टीम हैदराबाद में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी और असदुद्दीन ओवैसी की अगुवाई में बीआरएस प्रमुख और तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर से मुलाकात की है और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी से मिलना चाहती है. मुख्यमंत्री केसीआर ने मुस्लिम बोर्ड से यूसीसी के विरोध करने की रजामंदी दे दी है. ओवैसी ने बताया था कि सीएम केसीआर से यूसीसी के मुद्दे पर चर्चा हुई और मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि वे यूसीसी का विरोध करेंगे और सांसद में अगर कानून लाया जाता है तो बीआरएस मुखालफत करेगी.

पर्सनल लॉ बोर्ड का प्रतिनिधि मंडल दलों से कर रहा मुलाकात

यूसीसी के मुद्दे पर विपक्षी दलों का समर्थन जुटाने के लिए मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड देश के तमाम दलों के नेताओं के साथ मुलाकात करेंगे. इस कड़ी में सपा, जेडीयू, आरजेडी, डीएमके, बसपा, टीएमसी सहित तमाम दल हैं, जिनसे जल्द ही पर्सनल लॉ बोर्ड का प्रतिनिधि मंडल मिलेगा. इस तरह पर्सनल लॉ बोर्ड सियासी तौर पर यूसीसी के मुद्दे पर समर्थन जुटा रही है ताकि मोदी सरकार अगर संसद में बिल लाती है तो उसका पुरजोर तरीके से विरोध हो सके. इसी मद्देनजर तमाम विपक्षी दलों के साथ लगातार मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड मेल-मिलाप कर रहे हैं.

तीन तलाक और CAA के मुद्दे पर मात खा चुका है AIMPLB

दरअसल, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड तीन तलाक के मुद्दे पर सियासी मात खा चुका है और सीएए के मामले को भी नहीं रोक सका है. ऐसे में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने समय रहते ही यूसीसी के खिलाफ समर्थन जुटाने का अभियान शुरू कर दिया है, जिसके लिए राजनीतिक रूप से लड़ाई के लिए सियासी दलों से मिलकर उनसे स्टैंड साफ करने की बात कर रही है. वहीं, धार्मिक और सामाजिक तौर पर भी मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मोर्चा खोल रखा है, जिसके लिए एक अभियान भी शुरू किया है.

दूसरे धर्मों को भी साधने में जुटा AIMPLB

मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ अल्पसंख्यक समुदाय के दूसरे धर्मों के लोगों के साथ भी यूसीसी के विरोध करने की रूप रेखा बनाई है. इसमें सिख, ईसाई, बौद्ध धर्म के लोगों के साथ-साथ आदिवासी समुदाय का भी समर्थन जुटा रही है, उनके साथ मिलकर भी कार्यक्रम शुरू किया है. महाराष्ट्र के औरंगाबाद में असदुद्दीन ओवैसी ने विभिन्न धर्मों के साथ सामाजिक सद्भावना कार्यक्रम कर यूसीसी का विरोध में समर्थन जुटाया.

भोपाल में पीएम मोदी यूसीसी का मुद्दा उठाया था

वहीं, पीएम मोदी ने भोपाल की रैली में यूसीसी का मामला उठाकर इस दिशा में आगे बढ़ने के संकेत दे दिए हैं. इतना ही नहीं यूसीसी के मुद्दे पर सभी धर्मों के साथ बातचीत के लिए अपने मंत्रियों को जिम्मेदारी भी दी है ताकि उनके बीच एक सहमति बनाई जा सके. इसी मद्देनजर पर्सनल लॉ में मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग 15 जुलाई को केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के साथ बैठक करेगी. महिला आयोग विभिन्न स्टेकहोल्डर और केंद्र सरकार के साथ मिलकर पर्सनल लॉ में मुस्लिम महिलाओं के हक की समीक्षा करेगा.

पसमांदा समाज मोदी सरकार के साथ

बीजेपी मुस्लिम महिलाओं के साथ बैठक कर उनसे समान नागरिक संहिता के मुद्दे पर राय जानने से ज्यादा उन्हें यह बताने की रणनीति बना रही है कि देश में एक कानून लागू होने से उन्हें किस तरह का फायदा होगा. यूसीसी के मुद्दे पर मुस्लिम पसमांदा भी मोदी सरकार के साथ खड़ा नजर आ रहा है. मुस्लिम पसमांदा के आतिफ रशीद लगातार यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि यूसीसी किस तरह से मुस्लिमों के लिए बेहतर हो सकता है और खासकर मुस्लिम महिलाओं के लिए. इस तरह बीजेपी भी कई स्तर पर यूसीसी को लेकर मोर्चा खोल रखा है?

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