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अशोक गहलोत के जादू को बेअसर करने के लिए BJP को ‘मोदी मैजिक’ का सहारा

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राजे-रजवाड़ों की भूमि राजस्थान चार महीने बाद राजस्थान के नए राजा का लोकतांत्रिक चुनाव करेगी. हर बार की तरह इस बार भी मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी के बीच ही होना है. ऐसे में दोनों दलों के क्षत्रप अपनी-अपनी तलवारों में धार लगा रहे हैं. कांग्रेस फिर से सत्ता का सिंहासन चढ़ 25 साल से चली आ रही ‘इस बार तेरी अगली बार मेरी सरकार’ की परंपरा को तोड़ने की कोशिश में है. वहीं बीजेपी की तैयारी इसी परंपरा के टोटके को पकड़ सत्ता का फिर से सुख पाने की है. हालांकि दोनों ही तरफ के नेताओं के आपस में भिड़ने के कारण दोनों ही पार्टियां अभी तक अंदरूनी खटपट ही सुलझाने में लगी थी. अब जब खटपट थमी है तो चुनावों के लिए नीति-रणनिति बनने लगी हैं. वैसे चुनावी माहौल को टटोला जाए तो जानकार कांग्रेस की हवा होने की बात कह रहे हैं. यही वजह है कि बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने जादूजगर की जादूगरी को पलटने के लिए राजस्थान की छड़ी अपने हाथ में ले ली है. इस एक काज से बीजेपी दो काम साध रही है.

मोदी मैजिक के बूते कांग्रेस और आंतरिक कलह से निपटेगी BJP

पहला तो पार्टी के भीतर की खटपट को मुख्यमंत्री का चेहरा न बता कर कम से कम चुनाव बाद तक टाला जा सके. वहीं दूसरा काज है मोदी मैजिक के जरिए राज्य में बीजेपी का माहौल बनाया जा सके. इसीलिए लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सूबे के दौरे पर हैं. अजमेर में हुई सभा में तो प्रधानमंत्री मोदी ने सभी नेताओं को साथ रहने का संदेश देने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं को साफ संदेश दे दिया कि न दाएं जाना है न बाएं, सीधे केंद्र के निर्देश पर चुनाव लड़ा जाए.अगर बीजेपी इस नीति पर खरी उतरती है तो लाभ मिलने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं. ऐसा इसलिए है, क्योंकि हर पांच साल में सूबे की सरकार बदल देने वाली राजस्थान की जनता लोकसभा चुनाव में एकमुश्त बीजेपी को वोट करती है. पिछले चुनावों में सूबे की 25 में से 24 सीटों पर बीजेपी को जीत मिली थी. वहीं 2014 के लोकसभा चुनाव में तो मोदी मैजिक के चलते बीजेपी को 25 की 25 सीटों पर जीत हासिल हुई थी. अब इस मोदी मैजिक का इस्तेमाल बीजेपी राज्य में अशोक गहलोत के जादू के खिलाफ करने के मूड में है.

अब करते हैं पार्टी के आंतरिक कलेश पर मोदी मैजिक के असर की बात. राजस्थान बीजेपी में नेताओं की खटपट इतनी बढ़ गई है कि मुख्यमंत्री का चेहरा बता चुनाव में उतरे तो दूसरे धड़े से नुकसान पहुंचाए जाने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी. ऐसे में पार्टी नेतृत्व ने फैसला किया कि सामूहिक नेतृत्व में पीएम मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ा जाएगा और मुख्यमंत्री को लेकर चुनाव बाद कोई फैसला लिया जाएगा. इससे तत्काल की खटपट तो रोकी है जा सकती है.

CM फेस भले नहीं, लेकिन वसुंधरा को नकार नहीं रही BJP

हालांकि ऐसे में पार्टी ने हरगिज भी वसुंधरा राजे सिंधिया के कद को कम न करने की बात का भी ध्यान रखा है. ऐसा इसलिए क्योंकि वसुंधरा समर्थित 40-50 विधायक कहीं भी हिलने वाले नहीं हैं. वसुंधरा के कद को कम किया तो इन विधायकों के छिटकने की पूरी संभावना हैं और बिना उनके सरकार बनाना बीजेपी के लिए दूर की कौड़ी है. वहीं बीजेपी उन्हें सीएम पद का चेहरा प्रोजेक्ट करती है तो विरोधी गुट के बड़े नेताओं द्वारा नुकसान पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए चेहरा घोषित न कर के पार्टी ने इस समस्या से निपट लिया और वसुंधरा को अहमियत देकर उनका साथ भी ले लिया.

वसुंधरा, जोशी और राठौड़ के नेतृत्व में निकाली जाएंगी यात्राएं

वसुंधरा को अहमियत देने के लिए बीजेपी ने उनके नेतृत्व में आने वाले समय में एक विशाल यात्रा निकालने का फैसला लिया है. यूं तो पार्टी ऐसी तीन यात्राएं निकालेगी. इनमें से एक वसुंधरा, दूसरी राज्य बीजेपी प्रमुख सीपी जोशी और तीसरी नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ के नेतृत्व में निकाली जाएगी. ये तीनों यात्राएं जयपुर में खत्म होंगी और इस दौरान एक बड़ा कार्यक्रम बीजेपी आयोजित कर सकती है. यहां पूर्व में वसुंधरा की यात्राओं को देखा जाए तो उनका लाभ पार्टी को जरूर मिलता रहा है.

राष्ट्रीय नेताओं के नेतृत्व में चलेगा ‘नहीं सहेगा राजस्थान’ कैंपेन

इसके अलावा क्योंकि चुनाव की बागडोर केंद्रीय नेतृत्व ने अपने हाथ में ली है तो केंद्रीय नेता और राष्ट्रीय संगठन के पदाधिकारी भी लगातार राज्य के दौरे पर रहेंगे. बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और बीएल संतोष हाल ही में राज्य से हो कर गए हैं. इन्हीं की बैठक में फैसला लिया गया है कि बीजेपी आने वाले दिनों में और एग्रेसिव होकर कांग्रेस के खिलाफ अभियान चलाएगी. इसमें ‘नहीं सहेगा राजस्थान’ नाम का कैंपेन चलाया जाएगा. जिसके अधीन बीजेपी, कांग्रेस सरकार को अलग-अलग मामलों के तहत घेरेगी. जैसे भ्रष्टाचार ‘नहीं सहेगा राजस्थान’ और ‘पेपर लीक नहीं सहेगा राजस्थान’ जैसे कैंपेन चलाए जाएंगे.

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