महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी ने छत्रपति शिवाजी महाराज की इस लाइन को यथार्थ में बदल दिया है. महाराष्ट्र में बीजेपी ने वो कर दिखाया जो इससे पहले कभी नहीं हुआ था. बीजेपी ने यहां प्रचंड जीत हासिल की है और इस जीत के बाद बीजेपी के हौसले बुलंद हैं. पीएम मोदी ने इस जीत को ऐतिहासिक बताया है.
संविधान में वक्फ कानून का कोई स्थान ही नहीं
कांग्रेस ने तुष्टिकरण का जो बीज बोया, वो संविधान निर्माताओं के साथ विश्वासघात है और ये विश्वासघात मैं बहुत जिम्मेवारी के साथ बोल रहा. दशकों तक कांग्रेस ने देश में यही खेल खेला. तुष्टिकरण के लिए कानून बनाए. इसका एक उदाहरण वक्फ बोर्ड है. बाबासाहेब के संविधान में वक्फ कानून का कोई स्थान ही नहीं है लेकिन कांग्रेस ने सत्ता के लालच में ऐसी व्यवस्था बनाई, ताकि उसका वोट बैंक बढ़ सके. दिल्ली के लोग तो चौंक जाएंगे. हालात ये थी कि 2014 में इन लोगों ने सरकार से जाते जाते दिल्ली के आसपास की अनेकों संपत्तियां वक्फ बोर्ड को सौंपी दी थी. सच्ची पंथनिरपेक्षता को कांग्रेस ने मृत्यु दंड देने की कोशिश की. सत्ता की लालच में कांग्रेस ने सामाजिक न्याय की भावना को चूर चूर कर दिया. कांग्रेस पार्टी की प्राथमिकता आज सिर्फ और सिर्फ परिवार है.
वक्फ बोर्ड की उल्टी गिनती शुरू?
पीएम मोदी के इस बयान से यह साफ जाहिर है कि वक्फ बोर्ड की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. 2024 के अंत से पहले यह नहीं बचेगी. दरअसल, 25 नवंबर से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होगा. सबकी नजरें वक्फ बिल पर होंगी. इस विशेष सत्र में पांच नए विधेयक पारित होंगे. वक्फ बिल पर सबकी नजरें टिकी हैं. वक्फ विधेयक पर संसद की संयुक्त समिति की ओर से विचार और समीक्षा चल रही है.
