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गुजरात में आजादी के बाद कांग्रेस की सबसे बड़ी हार, प्रभारी रघु शर्मा ने ली जिम्मेदारी, दिया इस्तीफा

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गुजरात में चुनावों के बाद मतगणना अभी जारी है लेकिन अभी तक के आंकड़ों से साफ है कि गुजरात में बीजेपी लगातार सातवीं बार सरकार बनाने जा रही है. इसी बीच गुजरात में हार की ज़िम्मेदारी लेते हुए कांग्रेस के राज्य प्रभारी रघु शर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. फिलहाल गुजरात विधानसभा चुनावों की मतगणना में आए रुझानों में बीजेपी (BJP) 156 सीटों पर आगे चल रही है. वहीं कांग्रेस महज 17 सीटों पर आगे है. इसके अलावा आप 5 सीटों पर तो अन्य 4 पर आगे चल रहे हैं. मालूम हो कि चुनाव से ठीक पहले अल्पेश ठाकोर, हार्दिक पटेल, प्रदेश में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विपक्ष के पूर्व नेता मोहन सिंह राठवा समेत कई नेताओं ने कांग्रेस से इस्तीफा दिया था. वहीं माना जा रहा है कि आम आदमी पार्टी के भी चुनाव लड़ने के कारण कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है. बता दें कि आजादी के बाद कांग्रेस की गुजरात में यह सबसे बुरी हार है.

दरअसल रघु शर्मा राजस्थान सरकार में स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे और वह अजमेर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जीतकर चर्चाओं में आए थे. इसके बाद 2018 में अजमेर की केकड़ी सीट से जीते और गहलोत कैबिनेट में शामिल हुए. रघु शर्मा को अक्टूबर 2021 में गुजरात का प्रभारी बनाया गया था.

दांव पर लगी थी रघु शर्मा की प्रतिष्ठा

बता दें कि गुजरात विधानसभा चुनाव में राजस्थान के कांग्रेस विधायक रघु शर्मा की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी. वहीं रघु ने प्रभारी बनने के लिए बड़ा त्याग किया है, क्योंकि इससे पहले वह राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री थे जिसके बाद पार्टी में एक व्यक्ति, एक पद सिद्धांत के चलते उन्होंने मंत्री पद छोड़ दिया था. पिछले काफी समय से वह पूरी सक्रियता से गुजरात चुनाव की बागडोर संभाल रहे थे. माना जा रहा था कि गुजरात चुनाव उनका भविष्य तय करेगा.

मंत्री पद छोड़ बने थे प्रभारी

मालूम हो कि रघु शर्मा ने अब तक सात चुनावों में किस्मत आजमाई है जहां वह तीन चुनावों में जीत हासिल कर पाए हैं. रघु ने पहला विधानसभा चुनाव 1990 में लड़ा था जहां भिनाय सीट पर बीजेपी के सांवरलाल जाट ने उन्हें 16 हजार 889 वोटों से हराया था. इसके बाद 1993 में दूसरी बार बीजेपी के सांवरलाल जाट से भिनाय सीट पर 6 हजार 34 वोट से हार गए.

1999 में जयपुर से गिरधारी लाल भार्गव के सामने पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा और एक लाख 41 हजार 790 मतों से हार गए. लगातार तीन बड़े चुनाव हारने के बाद भी जीत के लिए संघर्ष करते रहे रघु को 18 साल बाद विधानसभा चुनाव 2008 में पहली बार जीत मिली जहां वह अपने गृह क्षेत्र केकड़ी में बीजेपी की रिंकू कंवर के सामने 12 हजार 659 वोटों से जीते.

गौरतलब है कि गुजरात में कांग्रेस की संभावनाएं काफी हद तक कम थी लेकिन कांग्रेस और ‘आप’ के बीच वोट बंटने से बीजेपी की जीत ‘बड़ी’ हो गई है. फिलहाल वोट प्रतिशत की बात करें तो गुजरात में बीजेपी को 52 फीसदी वोट मिले हैं वहीं कांग्रेस को 27 और आम आदमी पार्टी को लगभग 13 फीसदी वोट मिले हैं.

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