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नवोदय विद्यालय क्लास 6 में एडमिशन की कैसे करें तैयारी? पैरेंट्स फॉलो करें ये 5 टिप्स

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जवाहर नवोदय विद्यालय ने वर्ष 2023-24 में छठीं कक्षा में एडमिशन के लिए नोटीफिकेशन जारी कर दिया है. ऑनलाइन फॉर्म भरने की आखिरी तारीख 31 जनवरी है. नए सेशन में एडमिशन के लिए प्रवेश परीक्षा आगामी 29 अप्रैल, 2023, दिन शनिवार को होगी. NVS ENTRANCE में लगभग साढ़े तीन महीने बचे हैं. इस कॉपी में हम इस एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी की चर्चा करेंगे. कैसे होगी तैयारी? यह भी बतायेंगे कि कितना हिस्सा पैरेंट्स तैयार करेंगे और कितना हिस्सा बच्चे? आप सोच रहे होंगे कि एग्जाम बच्चे को देना है तो भला पैरेंट्स क्या तैयारी करेंगे? पर, पैरेंट्स को तैयारी करना होगा.

नवोदय विद्यालय में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स की उम्र प्रायः 10-11 वर्ष होती है. इस उम्र में बच्चे स्वाभाविक रूप से चंचल होते हैं. अगर किन्हीं कारणों से किसी पैरेंट्स को लगता है कि उनका बेटा या बेटी बहुत धीर-गंभीर है तो तय जान लीजिये कि उसकी सेहत अच्छी नहीं है.

NVS में ही एडमिशन क्यों?

-क्योंकि यह एक ऐसा सरकारी स्कूल है जो पूरी तरह आवासीय है.

-इसका शैक्षिक और अन्य गतिविधियों का बहुत रिकॉर्ड अच्छा है.

-वर्ष 2022 में यहां से पढ़े 4296 स्टूडेंट्स JEE Mains में सेलेक्ट हुए.

-वर्ष 2022 में यहां से पढ़े 1010 स्टूडेंट्स ने JEE Advanced क्वालीफाई किया.

-NEET में पिछले वर्ष 19352 स्टूडेंट्स का सेलेक्शन हुआ.

-10th का रिजल्ट 99.71 तथा 12th का रिजल्ट 98.93 फीसद रहा.

किसे मिलेगा एडमिशन?

  • स्टूडेंट्स जिस जवाहर नवोदय विद्यालय में एडमिशन चाहते हैं, वहां के निवासी हों और वहीँ के स्कूल में चालू सत्र में 5वीं में पढ़ाई कर रहे हों.
  • स्टूडेंट्स का जन्म एक मई 2011 से 30 अप्रैल 2013 के बीच होना चाहिए.
  • स्टूडेंट्स के लिए जरुरी है कि वे तीसरी एवं चौथी क्लास रेग्युलर किसी सरकारी या मान्यता प्राप्त स्कूल से पास हों.
  • 75 % सीटें ग्रामीण इलाके के स्टूडेंट्स के लिए आरक्षित हैं.
  • एक तिहाई सीटें लड़कियों के लिए आरक्षित हैं.
  • सरकारी नियमों के मुताबिक जरुरतमंदों को आरक्षण दिया जाएगा.

NVS Exam Tips: कैसे करें और कराएं तैयारी?

  1. मेन्टल एबिलिटी/ मैथ्स/ लैंग्वेज- इन्हीं तीनों पर केन्द्रित एग्जाम होगा. इस टेस्ट के लिए बाजार में अनेक बेहतरीन पुस्तकें उपलब्ध हैं, जिनमें रेखा चित्रों के माध्यम से चीजों को समझना आसान होता है.
  2. इसी बुक से बच्चों को प्रैक्टिस कराना फायदे का सौदा होगा. वे आसानी से समझ भी सकेंगे.
  3. खेल-खेल में गणित की प्रैक्टिस करवाने का सुझाव है.
  4. पैरेंट्स आज से अगर एक घंटे का भी समय रोज तय कर दें तो आपके बच्चे का सेलेक्शन तय है. बस नियमित पढ़ाते रहें और प्रैक्टिस करवाते रहें.
  5. रट्टा मारना उचित नहीं है. बच्चा जितना समझ लेगा, उतना लाभ होगा.

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