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क्या बीजेपी के होंगे उपेंद्र कुशवाहा? सम्राट चौधरी बोले- बड़े भाई का स्वागत

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इन दिनों बिहार की राजनीति में उपेंद्र कुशवाहा सबसे ज्यादा चर्चा में हैं. जेडीयू में रहकर नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले कुशवाहा के बीजेपी में जाने के चर्चे हैं. दरअसल उपेंद्र कुशवाहा के बीजेपी में जाने के चर्चे तब शुरू हुए थे जब AIIMS में उनसे मिलने बीजेपी नेता पहुंचे थे. कुशवाहा से बीजेपी प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल, योगेंद्र पासवान और संजय टाइगर दिल्ली में मिले थे. बीजेपी नेता से मुलाकात के दौरान कुशवाहा बहुत खुश नजर आ रहे थे. इसके बाद जब वह पटना पहुंचे तो उन्होंने नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. वह पार्टी में रहकर नीतीश कुमार पर हमलावर हैं, जेडीयू चाहकर भी उनपर कोई एक्शन नहीं ले पा रही है. उपेंद्र कुशवाहा के बीजेपी में जाने के सवाल पर पहले भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा था- जिन लोगों ने भी जंगलराज के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी वह साथ आ सकते हैं. अब उपेंद्र कुशवाहा पर बीजेपी नेता और बिहार विधानपरिषद में विपक्ष के नेता सम्राट चौधरी ने बड़ा बयान दिया है.

बीजेपी स्वागत के लिए तैयार

सम्राट चौधरी ने कहा है- उपेंद्र कुशवाहा दूसरी पार्टी में हैं. वह बड़े भाई के समान हैं. अगर उनकी तरफ से कोई प्रस्ताव आता है पार्टी उसपर जरूर विचार करेगी. इससे पहले बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा था कि- 1990 से 2005 तक जो नेता भी जंगल राज को अपदस्थ करने में शामिल थे उन सबों का बीजेपी में आने पर स्वागत किया जाएगा.

जेडीयू की हार की वजह बनी

उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी का RLSP का 2021 में जेडीयू में विलय हो गया था. दरअसल 2020 विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी जीरो पर आउट हो गई थी. सौ से ज्यादा सीटों पर लड़ने के बाद भी उनकी पार्टी खाता तक नहीं खोल पाई थी. भले ही कुशवाहा की पार्टी के उम्मीदवार कहीं जीत नहीं दर्ज कर सके लेकिन चिराग पासवान की पार्टी की तरह ही आरएलएसपी कई सीटों पर जेडीयू की हार की वजह बनी थी.

अब बागी हो गए हैं कुशवाहा

तब नीतीश कुमार ने लव-कुश (कोइरी-कुर्मी) वोटों को बिखरने के रोकने के लिए उपेंद्र कुशवाहा की घर वापसी करवाई थी.इसके बाद उपेंद्र कुशवाहा नीतीश कुमार के माउथपीस बन गए थे. वह नीतीश कुमार के विरोधियों पर हमलावर थे. नीतीश कुमार के लिए धुआंधार बैटिंग करने के बाद भी जब उनको इसका राजनीतिक लाभ नहीं मिला तो वह अब वह बागी हो गए हैं और जेडीयू में रहकर ही नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.

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