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पेपर लीक मास्टरमाइंड भूपेन्द्र सारण को 4 दिन की रिमांड, शहर में परेड करवा कोर्ट तक लाई पुलिस

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उदयपुर: राजस्थान में सेकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती पेपर लीक मामले में एटीएस-एसओजी की ओर से गुरुवार को गिरफ्तार किए गए मास्टरमाइंड भूपेंद्र सारण को बेंगलुरु से लाकर उदयपुर पुलिस ने कोर्ट में पेश किया जिसके बाद कोर्ट ने सारण को 7 दिन की रिमांड पर भेज दिया है. मिली जानकारी के मुताबिक उदयपुर पुलिस पेपर लीक मामले में सारण से गहन पूछताछ करना चाहती है जिसके लिए रिमांड मांगी गई थी जिसके बाद कोर्ट ने आदेश दिए हैं. वहीं अब भूपेंद्र सारण की अगली पेशी 27 फरवरी को होगी. मालूम हो कि राजस्थान एटीएस-एसओजी ने बेंगलुरु एयरपोर्ट पर गुरुवार शाम करीब साढ़े 6 बजे सारण को पकड़ा था. पेपर लीक मामले में सरकार ने भूपेंद्र पर एक लाख का इनाम घोषित कर रखा था और उदयपुर में पेपर लीक प्रकरण सामने आने के बाद उसके खिलाफ 2 मामले दर्ज हैं. वहीं सारण पिछले करीब 2 महीने से लगातार फरार चल रहा था.बता दें कि सारण को शुक्रवार को कोर्ट में पेश करने से पहले उदयपुर पुलिस ने शहर की सड़कों पर परेड करवाई. जानकारी के मुताबिक पुलिस हाथीपोल थाने से कोर्ट तक सारण को पैदल लेकर गई. इससे पहले शुक्रवार सुबह सारण को उदयपुर लाया गया जहां पुलिस गिरफ्त में भी आरोपी सारण मुस्कुराता हुआ देखा गया.

सारण ने वॉट्सऐप पर भेजा था पेपर

मालूम हो कि उदयपुर पुलिस ने गोगुंदा हाइवे पर 24 दिसंबर 2022 को सीनियर टीचर भर्ती पेपर से एक बस में अभ्यर्थियों को नकल करते हुए पकड़ा था जहां सरकारी स्कूल के हैड मास्टर सुरेश बिश्नोई और भजनलाल बिश्नोई पेपर सॉल्व करवा रहे थे. वहीं सुरेश बिश्नोई से पुलिस पूछताछ में पता चला कि भूपेन्द्र सारण ने ही उसे वॉट्सऐप पर पेपर भेजा था जिसके बाद लगातार सारण की गिरफ्तारी के लिए पुलिस उसके घर सहित अन्य ठिकानों पर दबिश दे रही थी. बता दें कि भूपेंद्र सारण 2011 में जीएनएम भर्ती पेपर आउट प्रकरण और 2022 में पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती पेपर लीक मामले में भी शामिल था और वह पहले भी जेल जा चुका है.

44 आरोपियों को मिली जमानत

इधर पेपर लीक मामले में पुलिस ने कुल 57 आरोपी पकड़े थे जिनमें से अभी करीब 44 आरोपियों की कोर्ट से जमानत मिल चुकी है. हालांकि सुरेश बिश्नोई फिलहाल पुलिस रिमांड पर है. वहीं एडिशनल उदयपुर पुलिस की ओर से एसपी चन्द्रशील ठाकुर ने आरोपियों की जमानत रद्द करने के लिए हाइकोर्ट में याचिका पेश की जिसके बाद कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए जमानत पाने वाले सभी आरोपियों को नोटिस जारी किया था. इसके अलावा बीजेपी सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने सारण की गिरफ्तारी पर बड़ा दावा करते हुए आरोप लगाए हैं कि पेपर लीक से एसओजी ने करोड़ों रूपये की कमाई की है और एक फिक्स प्लान के तहत सारण से सरेंडर करवाया गया है.

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