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जयपुर एसडीओ एकता काबरा पर कोर्ट की ऑर्डर शीट बदलकर फैसला एक पक्ष में करने का आरोप लगाते हुए परिवादी ने कलेक्टर को शिकायत की है। परिवादी ने आरोप पत्र में एसडीओ पर अपने ही ऑर्डर को बदनीयति से बदलकर उसकी जगह दूसरे ऑर्डर लगाकर एक तरफा फैसला सुनाने का आदेश दे दिया। शिकायतकर्ता और परिवादी सेवाराम ने बताया कि जमीन के मामले पर उसका रूपनारायण नाम के व्यक्ति से विवाद चल रहा है। ये विवाद साल 2022 में एसडीओ कोर्ट में गया और तब से उस पर लगातार सुनवाई चल रही है। परिवादी ने बताया कि उसने इस मामले की सत्यापित विचाराधीन प्रतिलिपि 3 जुलाई को कलेक्ट्रेट की प्रतिलिपि शाखा में आवेदन करके 4 जुलाई को प्राप्त की। इसमें देखा 10 जुलाई को विवाद पर अगली डेट है और सुनवाई होनी है। इससे पहले 10 अप्रैल, 18 अप्रैल, 1 मई और 3 जुलाई को जब सुनवाई की डेट थी तब पीओ साहब के राजकार्य में व्यस्त रहने के कारण सुनवाई नहीं होना दर्शाया गया।

लेकिन जब इसी केस से जुड़ी फाइनल ऑर्डर की कॉपी 17 जुलाई को निकलवाई गई तो उसमें 10 अप्रैल, 18 अप्रैल को बहस और सुनवाई होने का जिक्र किया गया। इसी तरह 1 मई को सुनवाई नहीं होने और 3 जुलाई को सुनवाई और बहस पूरी होना दर्शाया। 10 जुलाई को पीओ साहब के व्यस्त रहने के कारण सुनवाई नहीं होने और 11 जुलाई को मामले पर आदेश पारित करने बताए गए।
शोक सभा के चलते नहीं हुई सुनवाई
परिवादी ने बताया कि 10 जुलाई को जब सुनवाई के दिन वह अपने वकील संग कोर्ट पहुंचे तो शोक सभा होने की बात कहकर सुनवाई टाल दी। अगली तारीख की कोई जानकारी दी। 17 जुलाई को जब हमे जानकारी मिली कि इस मामले में 11 जुलाई को ही फैसला सुना दिया है तो हमने 17 जुलाई को ऑर्डर की सत्यापित प्रतिलिपि निकलवाई, जिसमें ऑर्डर शीट के बदलने का पता चला।
कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने का कहना है कि इस तरह की शिकायत आई है। जांच के लिये ADM को भिजवा दी गई है। जांच के बाद पूरी स्थिति साफ हो पाएगी। शिकायत के बाद अतिरिक्त जिला कलेक्टर द्वितीय ने उपखंड अधिकारी सांगानेर एकता काबरा को नोटिस देकर 28 जुलाई तक पूर प्रकरण में बिंदुवार रिपोर्ट मांगी है।
