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मणिपुर: जानलेवा हमले के बाद दूसरे दिन भी हिंसा जारी, आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर की फायरिंग

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मणिपुर में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है. राज्य के तेंगनौपाल जिले के मोरेह शहर में एक बार फिर से तवान फैल गया. मंगलवार को यहां सुरक्षा बलों और संदिग्ध आतंकवादियों के बीच फिर से गोलीबारी हुई. पुलिस के मुताबिक राजधानी इम्फाल से करीब 107 किलोमीटर दूर चवांगफाई इलाके में ये गोलीबारी मंगलवार सुबह उस समय हुई जब पुलिस ने तलाशी अभियान के तहत दो लोगों हिरासत में लिया था. दोनों लोगों को एक दिन पहले पुलिस कर्मियों पर हुए हमले में शामिल होने के आरोप में हिरासत में लिया गया था. इस दौरान महिलाओं ने पकड़े गए दोनों लोगों को छुड़ाने की कोशिश की. इस दौरान आतंकवादियों ने पुलिस कर्मियों पर गोलियां बरसा दी वहीं जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां दागी. वहीं सोमवार को मणिपुर के थौबल जिले में सुरक्षाकर्मियों और आतंकियों के बीच गोलीबारी हुई थी. इस दौरान आतंकियों ने गोली मारकर तीन लोगों की हत्या कर दी गई थी, वहीं पांच लोग जख्मी हो गए थे, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हिंसा के बाद राज्य के पांच जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया था. अधिकारी के मुताबिक गोलीबारी के दौरान घायल हुए लोगों में चार पुलिसकर्मी और सीमा सुरक्षा बल का एक कांस्टेबल है.

‘विदेशी ताकतों के शामिल होने का संदेह’

राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने हिंसा की निंदा करते हुए लोगों से शांति की अपील की है. एक बयान जारी कर सीएम ने कहा कि उन्होंने आतंकवादियों द्वारा लीक किए गए कुछ वीडियो देखे हैं. केंद्रीय और राज्य पुलिसकर्मी मिलकर उग्रवाद का मुकाबला कर रहे हैं. आरोपियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान जारी है. उन्होंने कहा कि हिंसा में म्यांमार की तरफ से विदेशी ताकतों के शामिल होने का संदेह है.

‘धमकी और दबाव के आगे नहीं झुकेंगे’

सीएम ने कहा कि ये राज्य के लोगों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है, कि हम इस तरह की धमकी और दबाव के आगे नहीं झुकेंगे. इससे पहले सीएम ने इसे “गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा खतरा” और “मणिपुर को अस्थिर करने का प्रयास” बताया था . उन्होंने ये भी कहा था कि एक प्रतिनिधिमंडल केंद्र के प्रतिनिधियों से मिलने और उन्हें हालात से अवगत कराने के लिए जल्द ही दिल्ली रवाना होगा. आपको बता दें कि पिछले 30 दिसंबर से भारत-म्यांमार सीमा के पास मोरेह शहर में पिछले साल 30 दिसंबर से सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच गोलीबारी हो रही है. इस दौरान कई लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं.

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