नई दिल्ली। रिपोर्ट टाइम्स।
नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आज संविधान दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का संबोधन हुआ. यहां राहुल गांधी दलितों और जाति जनगणना की बात कर रहे थे, तभी वहां लाइट चली गई. कुछ देर का इंतजार करने के बाद जब लाइट आई तो राहुल गांधी ने कहा कि ये कितनी भी कोशिश कर लें, लेकिन हमें चुप नहीं करा सकते हैं, मुझे जो बोलना है वो बोलूंगा. माइक जितना ऑफ करना है करो. दलितों की बात करने पर माइक बंद हो जाता है.
यूपीए ने लोगों को मनरेगा और भोजन का अधिकार दिया
लोकसभा में नेपा विपक्ष ने कहा कि यूपीए में मनरेगा, भोजन का अधिकार दिया गया, हमने दीवार को कमजोर करने की कोशिश की. यूपीए सरकार को जितना करना चाहिए था उतना नहीं किया. मजबूती से हमने काम नहीं किया, लेकिन हमने दीवार तोड़ने की कोशिश की. अब तेलंगाना में सरकारी पॉलिसी जातीय डेटा के आधार पर बनेगा. हम जातीय जनगणना और आरक्षण को 50 प्रतिशत से ज्यादा करने में लगे हुए हैं. बीजेपी आरएसएस कुछ भी कर ले जातीय जनगणना और 50 प्रतिशत आरक्षण के बैरियर को खत्म करके रहेंगे. जातीय जनगणना को हम इसी लोकसभा में पास कराके रहेंगे.
संविधान की किताब लेकर बोले राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा कि वो कहते हैं कि गांधी, फूले, शिवाजी की सोच संविधान की किताब में मिलेगी. क्या सावरकर की सोच इसमें दिखती है? ये सत्य और अहिंसा की किताब है. संविधान में कहीं नहीं लिखा कि झूठ बोलकर सरकार चलाया जाए, किसी को मारने, काटने की बात भी नहीं लिखी. यहां रोहित वेमुला की तस्वीर लगी है. वो भी बोलना चाहते थे लेकिन उनको मार दिया गया.
