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नसबंदी अभियान में 43 महिलाओं का ऑपरेशन, कड़ाके की ठंड में जमीन पर लिटाया

हिंगोली। रिपोर्ट टाइम्स।

महाराष्ट्र के हिंगोली में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदइंतजामी एक बार फिर सामने आई है. कड़ाके की ठंड में सर्जरी के बाद 43 महिलाओं को फर्श पर सुलाया गया. 13 दिसंबर को कुटुंब कल्याण योजना शिविर में महिलाओं को ठंड के मौसम में फर्श पर सोना पड़ा. महिलाओं को ठंडे फर्श पर सुलाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. सर्जरी के बाद सोने के लिए अस्पताल में बेड उपलब्ध नहीं होने के कारण महिलाओं को फर्श पर सोना पड़ा. ये मामला कलमनुरी तालुक के बालापुर ग्रामीण अस्पताल का है. वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया.

महाराष्ट्र के हिंगोली के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की परिवार नियोजन सर्जरी की गई. लेकिन बिस्तर नहीं होने के कारण इनमें से 43 महिलाओं को फर्श पर सुलाया गया. कड़ाके की ठंड में महिलाओं को फर्श पर सोना पड़ा. स्वास्थ्य व्यवस्था का कुप्रबंधन उजागर हो गया. इन सभी घटनाओं के बाद नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग पर अपना गुस्सा जाहिर किया. सर्जरी के बाद साफ-सफाई का ध्यान न रखने से नाराजगी बढ़ गई लेकिन सिस्टम काम नहीं आया. वहीं लापरवाही को लेकर अस्पताल और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है.

अस्पताल में 43 महिलाओं को फर्श पर लिटाया

कलमनुरी तालुक के अखाड़ा बालापुर ग्रामीण अस्पताल में सर्जरी के बाद कम से कम 43 महिलाओं को फर्श पर लिटाया गया. वहीं अस्पताल में भर्ती महिला को अब छुट्टी दे दी गई है. महिलाओं के परिजन अपने आंसू नहीं छिपा पा रहे थे लेकिन शुरुआत में अस्पताल की तरफ से कोई मदद नहीं की गई. वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल प्रबंधन जागा.

बालापुर की घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद खुली. जिला सर्जन नितिन तडस ने जानकारी दी है कि बालापुर ग्रामीण अस्पताल में हुई घटना के बाद जिला सर्जन के साथ जिला टीम 20 बिस्तर और जोड़ेगी.

विधायक संतोष बांगड़ का गजब बयान

अखाड़ा बालापुर में जो हुआ वह चौंकाने वाला नहीं है. विधायक संतोष बांगड़ ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने इसमें कोई कोताही नहीं बरती है. हमने कई बार यहां के स्वास्थ्य केंद्र और अस्पताल का दौरा किया. उन्होंने यह रुख अपनाया कि फर्श पर गद्दे लगाने से महिलाओं को सुविधा होती थी क्योंकि महिलाओं की संख्या अधिक थी और समय कम था.

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