टोंक। रिपोर्ट टाइम्स।
समरावता थप्पड़ कांड फिर से गरमा रहा है। अब समरावता के ग्रामीणों ने उपद्रव के दौरान हुए नुकसान की भरपाई और मामले की न्यायिक जांच के लिए महापंचायत का ऐलान किया है। यह महापंचायत टोंक जिले के नगरफोर्ट में होगी। संघर्ष समिति ने मांग नहीं मानने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
समरावता उपद्रव मामले को लेकर बनी संघर्ष समिति ने टोंक में प्रेसवार्ता कर महापंचायत की जानकारी दी। उनका कहना है कि अगर संघर्ष समिति की मांगों को नहीं माना गया तो आंदोलन उग्र हो सकता है। यह समरावता से भी बड़ा आंदोलन होगा। संघर्ष समिति के भरनी सरपंच मुकेश मीना व छानबास सूर्या सरपंच आरडी गुर्जर ने बताया कि महापंचायत में आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल, भारत आदिवासी पार्टी के राजकुमार रोत, कांग्रेस नेता प्रह्लाद गुंजल के भी आने की उम्मीद है।
क्या है समरावता थप्पड़ कांड?
टोंक के देवली-उनियारा में विधानसभा उप चुनाव के दौरान समरावता गांव में निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीना ने SDM को थप्पड़ मार दिया था। निर्दलीय प्रत्याशी का आरोप था कि SDM मतदान के बहिष्कार की अपील के बाद भी जबरन वोटिंग करवा रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने नरेश को हिरासत में ले लिया। इसके बाद समरावता में तोड़फोड़-आगजनी सहित काफी उपद्रव हुआ। अब ग्रामीण इस उपद्रव में हुए नुकसान की भरपाई, नरेश मीना सहित अन्य आरोपियों की रिहाई और मामले की न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं।
29 दिसंबर को नगरफोर्ट में महापंचायत
टोंक में विधानसभा उप चुनाव के दौरान समरावता गांव में हुआ थप्पड़ कांड फिर गरमा रहा है। इस मामले में गांव के लोगों की संघर्ष समिति थप्पड़ कांड की न्यायिक जांच, जेल में बंद नरेश मीना सहित अन्य लोगों की रिहाई की मांग कर रही है। अब संघर्ष समिति ने 29 दिसम्बर को नगरफोर्ट में महापंचायत का ऐलान किया है। जिसमें दो लाख से ज्यादा लोगों के आने का दावा किया जा रहा है। संघर्ष समिति का कहना है कि इसी महापंचायत में मांगों के लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
