देशनोक। रिपोर्ट टाइम्स।
भगवान को छप्पन भोग लगवाने की बात आपने खूब सुनी होगी। मगर अब राजस्थान के करणी माता मंदिर में ऐसा भोग लगने जा रहा है, जो विश्व का सबसे बड़ा भोग बताया जा रहा है। इसके लिए यहां 17 हजार किलो से ज्यादा दाल का हलवा तैयार किया जा रहा है, जिसे देशनोक के श्रद्धालुओं को वितरित किया जाएगा।
पहली बार 17 हजार किलो हलवे का प्रसाद
बीकानेर के देशनोक स्थित करणी माता का मंदिर देशभर में विख्यात है, इन दिनों यहां सावन भादौ कढ़ाई महाप्रसादी की तैयारियां चल रही हैं। दावा किया जा रहा है कि 100 साल में पहली बार यहां विश्व का सबसे बड़ा भोग माता को अर्पित किया जाएगा। यह भोग हलवा होगा…जो 17 हजार 500 किलो दाल से तैयार किया जाएगा। इसके बाद इसे देशनोक के श्रद्धालुओं को वितरित किया जाएगा।
2 दिन से 2 कढ़ाही में पक रहा हलवा
विश्व का सबसे बड़ा भोग तैयार करने के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। पिछले दो दिन से मंदिर में दो विशाल कढ़ाही चल रही हैं। इस खास प्रसाद को तैयार करने के लिए 3 हजार किलो से ज्यादा मूंग दाल का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा 3100 किलो घी, एक किलो केसर का उपयोग भी होगा। हलवे में 3900 किलो चीनी, 4500 किलो मावा, 6 किलो इलायची, 100 किलो बादाम और 51 किलो पिस्ता भी डाले जाएंगे।
गिनीज बुक में दर्ज होगा रिकॉर्ड !
करणी माता मंदिर में भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने पर प्रसाद चढ़ाते हैं, यह परंपरा यहां सालों से चली आ रही है। मगर इस बार यहां 17 हजार किलो से ज्यादा दाल का हलवा बन रहा है, इतनी बड़ी मात्रा में मंदिर में महाप्रसादी तैयार होने का यह पहला मौका है। लिहाजा इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज करवाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। आयोजकों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में अभी तक किसी भी मंदिर में भोग नहीं लगा होगा।
