हनुमानगढ़।रिपोर्ट टाइम्स।
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में नशा एक बड़ी समस्या बन चुका है। यहां चिट्टा नशा सबसे ज्यादा प्रचलित है। जो युवाओं को बर्बाद ही नहीं कर रहा, बल्कि युवाओं की मौत की वजह भी बन रहा है। अब हनुमानगढ़ प्रशासन ने नशे से युवाओं को बचाने और मादक पदार्थ तस्करी रोकथाम के लिए मानस अभियान शुरू किया है। जिसमें युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए जागरुक किया जा रहा है।
नशे के खिलाफ मानस अभियान
राजस्थान का हनुमानगढ़ जिला खतरनाक तरीके से नशे की चपेट में है।यहां युवा चिट्टे जैसे नशे की लत में पड़ गए हैं, कई युवाओं की नशे की वजह से मौत हो चुकी है। इस नशे से युवाओं को बचाने के लिए जिला प्रशासन ने नशामुक्ति अभियान मानस शुरू किया है। ADM उम्मेदी लाल मीणा के मुताबिक इसमें सामाजिक संस्थाओं की मदद से युवाओं को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई जा रही है। नुक्कड़ नाटक, साइकिल रैली जैसे कार्यक्रमों से भी नशामुक्ति का संदेश दे रहे हैं।
लोग बोले- मगरमच्छों को पकड़ा जाए
नशे के खिलाफ जिला प्रशासन के इस मानस अभियान की जमकर सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से ऐसी पहल किया जाना बेहद जरुरी है। मगर इसके साथ ही कुछ लोगों का कहना है कि सिर्फ युवाओं को जागरुक करने से काम नहीं चलेगा। पुलिस-प्रशासन को नशा तस्करों का नेटवर्क भी तोड़ना होगा। मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े मगरमच्छों को पकड़ना चाहिए।
नशा मुक्ति केंद्र खोलने की मांग
जिले में नशे के बढ़ते प्रचलन को लेकर अब यहां नशा मुक्ति केंद्र खोलने की मांग भी उठ रही है। लोगों का कहना है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में हनुमानगढ़ में सरकारी नशा मुक्ति केंद्र खोलने की घोषणा हुई थी। मगर अभी तक जिले में सरकारी नशा मुक्ति केंद्र नहीं बना है। सरकार को जल्द यहां नशा मुक्ति केंद्र खोलना चाहिए। इसके साथ ही स्थानीय लोग जिले में नारकोटिक्स चौकी बनाने की मांग भी कर रहे हैं।
