धौलपुर। रिपोर्ट टाइम्स।
धौलपुर में जिला परिवहन कार्यालय में तैनात दो परिवहन निरीक्षकों को देर रात को एसपी द्वारा चेकिंग पॉइंट से अपनी में थाने ले जाकर बिठाने का मामला सामने आया है. वहीं साढ़े 5 घंटे तक थाने में बिठाने के बाद दोनों परिवहन निरीक्षकों को छोड़ दिया गया. अब इस घटना से भयभीत दोनों परिवहन निरीक्षकों ने जिला परिवहन अधिकारी को पत्र लिखकर शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है.
इधर परिवहन विभाग के दो निरीक्षकों को एनएच-44 रविवार रात्रि को चेकिंग के दौरान पुलिस अधीक्षक सुमित मेहरड़ा द्वारा थाने में बंद किए जाने के बाद आक्रोश भी देखा जा रहा है. जिला परिवहन विभाग के कर्मचारियों ने हाईवे पर राजस्व वसूली एवं चेकिंग का काम बंद कर कार्य बहिष्कार कर दिया है. निरीक्षकों की मांग को देखते हुए आईजी भरतपुर रेंज राहुल प्रकाश ने जांच टीम गठित की है.
क्या है ये पूरा मामला?
रविवार रात्रि को परिवहन निरीक्षक अनिल कुमार प्रसाद और शैलेंद्र वर्मा एनएच 44 स्थित बरेठा बॉर्डर पर ऑन ड्यूटी पर तैनात थे। आगरा की तरफ से आने वाले वाहनों की दोनों निरीक्षकों द्वारा तलाशी ली जा रही थी। परिवहन विभाग के दोनों कर्मचारी ओवरलोडिंग एवं वाहनों के दस्तावेजों की जांच पड़ताल कर रहे थे।इसी दौरान फोर व्हीलर गाड़ी से सादा वर्दी में पुलिस अधीक्षक सुमित मेहरड़ा मौके पर पहुंच गए। परिवहन विभाग के दोनों कर्मचारियों से पूछताछ शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस अधीक्षक दोनों निरीक्षक को गाड़ी में बिठाकर मनिया पुलिस थाने लेकर आ गए। और दोनों को पुलिस थाने में बंद करा दिया। दोनों कर्मचारियों ने घटना से जिला परिवहन अधिकारी को अवगत कराया।
लेकिन दोनों निरीक्षकों को पुलिस द्वारा छोड़ा नहीं गया। सोमवार सुबह पूछताछ करने के बाद दोनों निरीक्षकों को छोड़ दिया गया। इस मामले से समूचे प्रदेश में शासन और प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देख आईजी भरतपुर रेंज राहुल प्रकाश ने बयाना एडिशनल एसपी को जांच सौंपी है। सोमवार को एडिशनल एसपी जांच करने पहुंच रहे है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी में आईजी राहुल प्रकाश भी मामले की छानबीन करने धौलपुर पहुंच सकते हैं।
जिला परिवहन अधिकारी को लिखा पत्र
परिवहन निरीक्षक अनिल कुमार प्रसाद और शैलेंद्र वर्मा द्वारा जिला परिवहन अधिकारी को पत्र लिखा है। उन्होंने शिकायत करते हुए बताया रविवार रात्रि को बरेठा चेक पोस्ट पर आगरा की तरफ से आ रहे वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। परिवहन विभाग की टीम वाहनों की ओवरलोडिंग एवं अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की छानबीन कर रही थी।
इसी दौरान पुलिस अधीक्षक सुमित मेहरड़ा सफेद गाड़ी से पहुंच गए थे। आरोप लगाते हुए कहा एसपी द्वारा अभद्रता की गई है। इसके बाद दोनों को गाड़ी में बिठाकर ले गए और पुलिस थाने में बंद कर दिया। आरोप लगाते हुए कहा है कि राजकार्य में बाधा पहुंची है। और उनके सम्मान को ठेस भी लगी है।
उच्च अधिकारियों को कराया अवगत
जिला परिवहन अधिकारी गौरव यादव ने बताया मामले को लेकर परिवहन विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया है। एसपी द्वारा किए गए घटनाक्रम के बाद परिवहन विभाग के कार्मिकों में आक्रोश देखा जा रहा है। कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उधर मामले को लेकर जब एसपी पुलिस अधीक्षक सुमित मेहरड़ा से पक्ष जानने की कोशिश की गई है तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया है।
