रिपोर्ट टाइम्स।
राजस्थान की सियासत में अपने बयान और अंदाज को लेकर लगातार चर्चा में रहने वाले किरोड़ीलाल मीणा इन दिनों सुर्खियों में बने हुए हैं. बीते दिनों अपनी ही सरकार में फोन टैपिंग के आरोप लगाने के बाद मीणा को लेकर काफी सियासी गहमागहमी बनी हुई है. मीणा ने जहां अपना फोन टैप होने के आरोप लगाए उसके बाद उन्हें बीजेपी संगठन से कारण बताओ नोटिस मिला जिसके जवाब में किरोड़ीलाल मीणा ने अपनी गलती मानते हुए अपना जवाब दिया.
अब फिर एक बार किरोड़ीलाल ने एक बयान देकर कई नई सियासी चर्चाओं को छेड़ दिया है. बीते रविवार (16 फरवरी) को हिंडौन करौली जिले में जैन समाज के एक समारोह में मीणा ने कहा कि आज ज्यादातर व्यक्ति किसी ना किसी चीज़ की चाहत रखते हैं और यह चाहत ही आदमी को परेशान करती रहती है. उन्होंने कहा कि आदमी की चाहत बहुत है और वह चाहत कभी खत्म नहीं होती है. किरोड़ी ने कहा कि अगर मेरे मन में ज्यादा चाहत बढ़ गई तो मेरी शांति भंग हो जाएगी.
‘चाहत का खेल है निराला’
किरोड़ीलाल ने कहा कि आदमी की चाहत कभी खत्म नहीं होती है, वह चाहता है कि जैसे ही मैं एमएलए बन गया तो मंत्री बन जाऊं, एमपी बन गया तो मंत्री बन जाऊं. एमएलए बन गया, मंत्री बन गया तो मुख्यमंत्री बन जाऊं और ये चाहत आदमी को बहुत परेशान करती है. वहीं किरोड़ीलाल ने कहा कि आजकल समाज में बहुत नैतिक गिरावट आई है. उन्होंने कहा कि आप रोज अखबार में देखिए कि नैतिक आचरण अपनी गिरावट की पराकाष्ठा पर आ गया है और आज भाई से भाई का रिश्ता, बाप से बेटे का रिश्ता, बहन से भाई का रिश्ता सब कुछ तार-तार हो गए हैं.
