रिपोर्ट टाइम्स।
महाशिवरात्रि का दिन देवों को देव महादेव को समर्पित हैं. कहते हैं इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन व्रत और पूजन करने साथ व्रत का पालन करने से व्यक्ति भगवान शिव की कृपा प्राप्ति होती है.
वहीं महाशिवरात्रि व्रत का पूरा फल पाने के लिए कुछ खास नियमों का पालन करना भी जरूरी होता है. महाशिवरात्रि का व्रत मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है, निर्जला व्रत और फलाहार व्रत.
।।शिव नमस्कार मंत्र।।
1. शम्भवाय च मयोभवाय च नमः शंकराय च मयस्कराय च नमः शिवाय च शिवतराय च।।
ईशानः सर्वविध्यानामीश्वरः सर्वभूतानां ब्रम्हाधिपतिमहिर्बम्हणोधपतिर्बम्हा शिवो मे अस्तु सदाशिवोम।।
।।शिव गायत्री मंत्र।।
2.।। ओम तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात ।।
महाशिवरात्रि का व्रत मुख्य रूप
निर्जला व्रत में पूरे दिन और रात बिना जल और अन्न ग्रहण किए उपवास रखा जाता है. ऐसे में कई लोगों के मन ये यह सवाल आता है कि इस दिन व्रत में क्या खाएं और क्या नहीं, तो आइए जानते हैं.
महाशिवरात्रि कब है
हिंदू पंचांग के अनसुार, फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत बुधवार, 26 फरवरी को सुबह 11 बजकर 8 मिनट पर होगा. वहीं तिथि का समापन 27 फरवरी को सुबह 8 बजकर 54 मिनट पर होगा. महाशिवरात्रि की पूजा रात्रि में की जाती है, इसलिए महाशिवरात्रि का व्रत भी 26 फरवरी को ही किया जाएगा. इस दिन व्रती किसी की बुराई करने से बचें और बड़ो का अपमान न करें। तामसिक चीजों से दूरी बनाएं रखें। ब्रह्मचर्य का पालन करें। रात्रि जागरण करने की कोशिश करें।
महाशिवरात्रि व्रत में क्या नहीं खाएं
- सिंघाड़े के आटे का हलवा
- कुट्टू के आटे से बनी कचौड़ी या पूरी
- सिंघाड़े के आटे की पकौड़ी
- आलू दम (सेंधा नमक के साथ बना हुआ)
- कुट्टू के चावल की खीर
- फल एवं सूखे मेवे
- मिठाई (बिना अनाज वाली जैसे मखाने की खीर, नारियल बर्फी आदि)
- दूध एवं दूध से बने पदार्थ
- ठंडाई (बादाम, सौंफ, गुलाब, काली मिर्च आदि मिश्रित पेय)
महाशिवरात्रि व्रत में क्या खाएं
महाशिवरात्रि व्रत के दौरान अलग-अलग तरह के फल खा सकते हैं. साबूदाना की खिचड़ीस या वड़ा, सिंघाड़े के आटे से बनी रोटी या पराठे, मखाने की खीर या भुने हुए मखाने, दूध, दही, और पनीर, ड्राई फ्रूट्स खा सकते हैं. ब्रह्मचर्य का पालन करें। रात्रि जागरण करने की कोशिश करें।
