खाटूश्याम। रिपोर्ट टाइम्स।
खाटू श्याम जी के लक्खी मेले में जहां श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा हुआ है, वहीं मध्य प्रदेश के सोनू संवरिया की अद्भुत भक्ति सभी के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। नंगे शरीर, नुकीली कीलों पर लेटकर दंडवत यात्रा….यह सुनकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं, लेकिन सोनू इस कठिन तपस्या को पिछले साल भी कर चुके हैं। इस साल फिर से, वह रींगस से खाटूधाम तक 1600 नुकीली कीलों पर लेटकर 18 किलोमीटर लंबी दंडवत यात्रा कर रहे हैं। हर दिन 2 से 3 किलोमीटर की यह कठिन यात्रा पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ जारी है।
10 मार्च तक बाबा श्याम के दरबार में होंगे हाजिर
सोनू की यह भक्ति यात्रा 10 मार्च तक पूरी होगी। जब उनसे पूछा गया कि क्या कीलों पर लेटने से दर्द नहीं होता, तो उनका जवाब था—
“दर्द तो बाबा हर लेते हैं, मैं कुछ भी महसूस नहीं करता!” सोनू की इस कठिन साधना में उनके सहयोगी कृष्ण भी साथ हैं, जो कीलों की पट्टी को आगे बढ़ाते हैं और सोनू उस पर दंडवत करते हुए आगे बढ़ते हैं। श्रद्धालु उनकी भक्ति देखकर श्रद्धा से नतमस्तक हो रहे हैं और उनके साथ फोटो खिंचवाने की होड़ लगी हुई है।
बिना मांगे सब कुछ मिलता है बाबा के दरबार में
सोनू हर साल इस यात्रा पर निकलते हैं, लेकिन न कोई मन्नत, न कोई स्वार्थ—सिर्फ और सिर्फ बाबा श्याम के प्रति अटूट श्रद्धा! जब उनसे पूछा गया कि आखिर इतनी कठिन यात्रा क्यों, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा… “बाबा के दरबार में कुछ मांगने की जरूरत नहीं, वे बिना मांगे सब दे देते हैं!” उनका मानना है कि बाबा का आशीर्वाद ही सबसे बड़ी दौलत है और जब मन में भक्ति का भाव उमड़ता है, तो वह इस यात्रा पर निकल पड़ते हैं। इस अद्भुत आस्था ने पूरे खाटू मेले में अलग ही माहौल बना दिया है। लोग सोनू को देखकर बाबा श्याम के जयकारे लगा रहे हैं और उनकी अनोखी भक्ति को श्रद्धा से नमन कर रहे हैं!
