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रुपए की टंकार सुनकर हिल जाएगी दुनिया, करेंसी मार्केट में हो गई बड़ी भविष्यवाणी

रिपोर्ट टाइम्स।

भले ही रुपए में लगातार दूसरे दिन मामूली गिरावट देखने को मिल रही हो, लेकिन आने वाले दिनों में डॉलर के मुकाबले में रुपए में बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है. करेंसी मार्केट के जानकारों की भविष्यवाणी को सच माने तो रुपया 85 के बैरियर को तोड़ते हुए मौजूदा लेवल से एक रुपए से ज्यादा मजबूत हो सकता है. ये भविष्यवाणी यूं ही नहीं की गई है. मार्च के महीने के महंगाई के आंकड़े, मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग में संभावित कटौती, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर का डाटा, रेसिप्रोकल टैरिफ के असर को कम करने के भारत सरकार के प्रयास और आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में संभावित कटौती और विदेशी निवेशकों का भारत के शेयर बाजार में निवेश जैसे फैक्टर डॉलर के मुकाबले में रुपए को और स्ट्रांग बनाने में मददगार साबित हो सकते हैं.

25 मार्च से पहले लगातार 7 कारोबारी दिनों तक रुपए में डॉलर के मुकाबले में काफी अच्छी तेजी देखने को मिली थी. इस दौरान डॉलर के मुकाबले रुपए में 1.53 रुपए की बढ़ोतरी देखने को मिली थी. जिसकी बदौलत रुपए में साल 2025 की गिरावट रिकवर हो गई थी. लेकिन अब रुपए की नजर बीते एक सवा साल की गिरावट की रिकवरी पर है. रुपया एक बार फिर से 80 या उससे नीचे के लेवल पर आने की संभावित कोशिश में लगा हुआ है. ताकि देश की इकोनॉमी को नुकसान ना पहुंचे. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर रुपए की तेजी को लेकर किस तरह की भविष्यवाणी की गई है.

Dollar Vs Rupee (25)

रुपए को लेकर बड़ी भविष्यवाणी

फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी हेड और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनिल कुमार भंसाली ने कहा कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) द्वारा फिर से खरीदारी के मूड में आने से शेयर बाजारों में तेजी आई है, जिससे रुपए में भी तेजी देखने को मिली है. भंसाली ने कहा कि जब हम महीने के अंत के करीब पहुंच रहे हैं, फाइनेंशियन ईयर एंड की वजह से रुपए में गिरावट देखी जा रही है. उन्होंने कहा कि ये गिरावट तब तक देखने को मिल सकती है जब तक भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से दूसरा ऐलान नहीं किया जाता है. उन्होंने कहा कि एक्सपोर्टर हेजिंग के लिए बेहतर लेवल का इंतजार कर रहे हैं. हालांकि, अगर 85.50 का लेवल निर्णायक रूप से टूटता है तो शायद हम 84.75 के करीब पहुंच जाएंगे.

Dollar Vs Rupee (23)

क्या एक रुपए से ज्यादा मजबूत होगा रुपया?

जिस तरह का अनुमान रुपए को लेकर लगाया गया है कि उससे लग रहा है कि आने वाले दिनों में रुपए में एक रुपए से ज्यादा की रिकवरी देखने को मिल सकती है. मौजूदा समय में रुपया मामूली गिरावट के साथ 85.78 के लेवल पर कारोबार कर रहा है. जानकारों की मानें तो आने वाले महीने में आरबीआई एमपीसी की मीटिंग होने जा रही है. उम्मीद है कि आरबीआई ब्याज दरों में एक बार फिर से 0.25 फीसदी की कटौती करेगी. जिससे देश की इकोनॉमी को बूस्ट मिले. इस कदम से रुपए में तेजी देखने को मिल सकती है.

वहीं दूसरी ओर विदेशी निवेशक एक बार फिर से शेयर बाजार में वापसी करते हुए दिखाई दे रहे हैं. आने वाले दिनों में ये सिलसिला जारी रह सकता है. ऐसे में रुपए को सपोर्ट मिलता हुआ दिखाई दे सकता है. इसके लिए महंगाई, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के आंकड़े भी सपोर्ट करते हुए दिखाई दे सकते हैं. उसके बाद सबसे अहम केंद्र सरकार की ओर से रेसीप्रोकल टैरिफ को ककम करने के प्रयास. अगर ये प्रयास सफल होते हैं तो रुपए में तेजी देखने को मिल सकती है.

Rupee Vs Dollar (6)

रुपए में आई गिरावट

बुधवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 6 पैसे कमजोर होकर 85.78 पर आ गया. घरेलू शेयर बाजारों में नकारात्मक रुख और विदेशी बाजारों में अमेरिकी मुद्रा में सुधार के कारण यह गिरावट आई. फॉरेन करेंसी डीलर्स ने कहा कि नकदी की कमी, पारस्परिक टैरिफ कार्यान्वयन को लेकर चिंता और आयातकों की ओर से महीने के अंत में अमेरिकी करेंसी की डिमांड के कारण रुपए पर दबाव बढ़ा है. हालांकि, विदेशी फंड के प्रवाह ने निचले स्तरों पर रुपये को सहारा दिया. इंटरबैंक फॉरेन करेंसी एक्सचेंज मार्केट में रुपया डॉलर के मुकाबले 85.71 पर खुला, फिर नीचे गिरकर 85.78 पर आ गया, जो पिछले बंद भाव से 6 पैसे कम है. मंगलवार को रुपये में सात सत्रों की तेजी थम गई और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 11 पैसे की गिरावट के साथ 85.72 पर बंद हुआ.

Rupee Dollar

क्यों आई रुपए में गिरावट

सीआर फॉरेक्स एडवाइजर्स के एमडी अमित पबारी ने कहा कि आरबीआई की 77.53 बिलियन अमेरिकी डॉलर की शॉर्ट-साइड फॉरवर्ड पोजीशन संभावित डॉलर-खरीद हस्तक्षेप का संकेत दे रही है, जो रुपए की तेजी को सीमित कर सकती है. इसके अलावा, जियो पॉलिटिकल रिस्क – गाजा में इजरायल के हमले से लेकर ईरान समर्थित हौथी विद्रोहियों पर अमेरिकी हवाई हमलों तक – अमेरिकी डॉलर जैसी सुरक्षित-पनाह परिसंपत्तियों की मांग को बढ़ा रहे हैं. इस बीच, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 0.12 प्रतिशत बढ़कर 104.30 पर कारोबार कर रहा था. वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.22 प्रतिशत बढ़कर 73.18 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था.

Dollar Vs Rupee (9)

टैरिफ की धमकी का असर

पाबरी ने कहा कि इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी है. इससे ब्रेंट क्रूड की कीमतें 72.50 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं, जिससे भारत के व्यापार घाटे को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं और रुपए पर दबाव बढ़ गया है. घरेलू इक्विटी बाजार में, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 59.56 अंक या 0.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,957.63 अंक पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 20.60 अंक या 0.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,648.05 अंक पर था. एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को शुद्ध आधार पर 5,371.57 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे.

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