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वैष्णो देवी भूस्खलन में राजस्थान के 5 युवकों की मौत, 2 अब भी लापता, धौलपुर-चूरू-नागौर में पसरा मातम

REPORT TIMES : जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में वैष्णो देवी मार्ग पर 26 अगस्त की दोपहर हुए भीषण भूस्खलन ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इस हादसे में अब तक 34 लोगों की जान जा चुकी है. मृतकों में राजस्थान के 5 युवक शामिल हैं, जो चूरू के सुजानगढ़, नागौर और धौलपुर जिले के रहने वाले हैं. इनके अलावा धौलपुर से दो युवक अभी भी लापता हैं, और उनके परिजन अपनों के जिंदा होने की एक उम्मीद के सहारे जम्मू में डेरा डाले हुए हैं.

सुजानगढ़ कस्बे के दो सगे भाई

चूरू के सुजानगढ़ कस्बे में इस वक्त मातम पसरा हुआ है. वैष्णो देवी दर्शनों के लिए गए एक साथ गए 4 युवकों की मौत की खबर ने पूरे कस्बे को हिला कर रख दिया है. मृतकों की पहचान सुजानगढ़ निवासी अनिल सोनी और अरविंद सोनी के रूप में हुई है. अनिल और अरविंद सगे भाई थे. उनके साथ ही सारोठिया निवासी गजानंद सोनी और नागौर निवासी संदीप सोनी भी इस हादसे में मारे गए हैं.

हादसे से ठीक पहले परिजनों से की थी बातचीत

इन चारों युवकों ने मंगलवार दोपहर को भूस्खलन से ठीक पहले अपने परिजनों से फोन पर बात की थी. उन्होंने यात्रा के बारे में बताया और कहा कि वे जल्द ही वापस लौट आएंगे. लेकिन किसे पता था कि यह उनकी आखिरी बात होगी. जैसे ही हादसे की खबर परिजनों तक पहुंची, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. अब परिजन और रिश्तेदार शव लेने के लिए जम्मू के लिए रवाना हो चुके हैं. सुजानगढ़ और नागौर का हर घर इस दुख की घड़ी में इन परिवारों के साथ खड़ा है.

सोने-चांदी के व्यापारी थे संदीप, भाई संग चलाते थे दुकान

संदीप सोनी नागौर शहर के इंदिरा कॉलोनी में रहते थे और काठडियो के चौक में अपने भाईयों के साथ सोने-चांदी की दुकान पर काम करते थे. संदीप सोनी के दो छोटे बच्चे हैं. वे 22 अगस्त को अपने तीन ममेरे भाइयों के साथ एक ही गाड़ी में वैष्णो देवी के दर्शन के लिए रवाना हुए थे. 26 अगस्त को दर्शन के बाद जब चारों पैदल वापस लौट रहे थे, इसी दौरान अर्धकुमारी के पास भूस्खलन हो गया. इसी दौरान संदीप सहित अन्य से संपर्क टूट गया था.

2 ने तैरकर बचाई जान, 1 का शव मिला, 2 अब भी लापता

धौलपुर जिले के सैंपऊ कस्बे से भी ऐसी ही एक दुखद कहानी सामने आई है. यहां से 23 अगस्त को 5 युवक माता वैष्णो देवी के दर्शनों के लिए गए थे. लेकिन घर वापसी के समय जम्मू के पास किशनपुर डोमेल रोड पर गरनई लोटा स्थान के पास भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ में ये सभी फंस गए. इनमें से दो युवकों- आदित्य परमार और दीपक मित्तल ने अपनी जान बचा ली.

आदित्य के ताऊ कुंज बिहारी गर्ग ने बताया, ‘ये सभी ट्रेन पकड़ने के लिए लौट रहे थे, तभी लैंडस्लाइड हुआ और पहाड़ों से मलबा और पानी का तेज बहाव आया. आदित्य और दीपक जैसे-तैसे तैरकर एक पेड़ और पत्थर के टापू पर चढ़कर बच गए.’ लेकिन तीन युवक- यश गर्ग, प्रांशु मित्तल और शिव बंसल पानी की तेज धार में बह गए.

हालांकि जम्मू की झज्जर कोटली थाना पुलिस ने SDRF की मदद से बुधवार शाम को एक युवक शिव मित्तल की डेड बॉडी घटना स्थल से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर बरामद कर ली. परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराने के बाद डेड बॉडी सुपुर्द की जाएगी. वहीं यश गर्ग एवं प्रांशु के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. वे अब भी लापता हैं.

देशभर के 34 लोगों की मौत, 20 घायल

जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में वैष्णो देवी के पहाड़ी मार्ग पर हुई इस आपदा में अब तक 34 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 20 लोग घायल हुए हैं. मरने वालों में राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश, पंजाब, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के तीर्थयात्री भी शामिल हैं. इस त्रासदी के बाद, कटरा से वैष्णो देवी तक की यात्रा को अगले आदेश तक के लिए रोक दिया गया है. जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन के कारण बचाव कार्य में मुश्किलें आ रही हैं, लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही लापता लोगों का भी पता चल जाएगा.

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