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PFI पर ऐक्शन से माहौल बिगड़ने की आशंका, जामिया नगर में लगी 144; छात्रों के जुटने पर रोक

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कई गंभीर आरोपों से घिरी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर शिकंजा कसता जा रहा है। दिल्ली समेत 8 राज्यों में पुलिस और दूसरी कई एजेंसियों ने पीएफआई के ठिकानों पर छापेमारी की है। पीएफआई पर ऐक्शन पार्ट- 2 के बाद अब दिल्ली में माहौल बिगाड़े जाने की आशंका गहरा गई है। इसे देखते हुए जामिया यूनिवर्सिटी के आसपास लोगों जुटने और विरोध प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है। दो महीने तक के लिए यह रोक लगाई गई है। अब तक करीब 30 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।

वहीं जामिया यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों को सर्कुलर जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि19 सितंबर से 17 नवंबर तक धारा 144 लागू रहेगी। जामिया यूनिवर्सिटी के छात्रों को हिदायत दी गई है कि कैंपस के भीतर या बाहर समूह में इकट्ठा ना हों। सर्कुलर में कहा गया है कि अगर कोई कानून तोड़ेगा तो यूनिवर्सिटी उसके खिलाफ सख्त ऐक्शन लेगी।

सोमवार को जामिया मिलिया इस्लामिया की तरफ से एक नोटिस जारी किया गया है। यूनिवर्सिटी के चीफ प्रॉक्टर ने कहा कि जामिया नगर पुलिस स्टेशन के एसएचओ ने हमें सूचना दी है कि 19 सितंबर से प्रतिबंध लगाए गए हैं। हमें सूचना मिली थी कि कुछ लोग या ग्रुप संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं और शांति व्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं। एसएचओ ने आगे यह भी बताया है कि 17 नवंबर तक पूरे ओखला इलाके में प्रतिबंध लागू रहेंगे। जामिया प्रबंधन की तरफ से कहा गया है कि प्रशासन के आदेश को देखते हुए सभी छात्रों, शिक्षक और गैर शिक्षण कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि वो कैंपस के बाहर भीड़ ना जुटाएं और किसी भी तरह के प्रदर्शन, धरना या बैठक में शामिल ना हों।

गृहमंत्रालय की अहम बैठक

इधर पीएफआई के ठिकानों पर रेड के बाद गृहमंत्रालय की में एक अहम बैठक शुरू हो गई है। गृह सचिव अजय भल्ला के साथ यह बैठक चल रही है। बैठक में एनआईए, ईडी और आईबी के अधिकारी मौजूद हैं। इस बैठक में पीएफआई के ठिकानों पर हुई छापेमारी की जानकारी साझा की गई है। गृहमंत्रालय की इस उच्च स्तरीय बैठक में आईबी चीफ, ईडी के डीजी और एनआईए के डीजी भी मौजूद हैं।

निजामुद्दीन और शाहीन बाग में छापेमारी

राष्ट्रीय राजधानी में निजामुद्दीन और शाहीन बाग सहित कई स्थानों पर ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) से संबद्ध ठिकानों पर छापेमारी के बाद मंगलवार को करीब 30 लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने तड़के कई स्थानों पर छापेमारी की। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ”राष्ट्रीय राजधानी में निजामुद्दीन और शाहीन बाग सहित कई स्थानों पर छापेमारी की गई। अभी तक पीएफआई से संबद्ध 30 लोगों को हिरासत में लिया गया है।” दिल्ली पुलिस की जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) सुमन नलवा ने पीएफआई के खिलाफ इस ”संयुक्त कार्रवाई” की पुष्टि की और बताया कि 30 लोगों को अभी तक हिरासत में लिया गया है।पुलिस ने बताया कि अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है क्योंकि जांच अभी जारी है।

गुजरात में 10 लोग हिरासत में

गुजरात में आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से कथित संबंधों को लेकर पूछताछ के लिए कम से कम 10 लोगों को हिरासत में ले लिया। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। राज्य के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि एनआईए गुजरात समेत विभिन्न राज्यों में पीएफआई से जुड़े परिसरों पर छापेमारी कर रही है।

अधिकारी ने कहा, ‘उन्होंने गुजरात पुलिस और एटीएस की मदद से विभिन्न इलाकों से कम से कम 10 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।’ गुजरात में पीएफआई की राजनीतिक शाखा सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) विशेष रूप से सक्रिय है और कुछ महीने पहले उसने अहमदाबाद में अपना कार्यालय खोला था।

इससे पहले, देश में आतकंवादी गतिविधियों को समर्थन देने के आरोप में 22 सितंबर को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के नेतृत्व में विभिन्न एजेंसियों के अभियान के तहत इसी तरह छापेमारी की गई थी। उस दौरान 15 राज्यों में पीएफआई के 106 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था।

महाराष्ट्र में 4 पीएफआई कार्यकर्ता गिरफ्तार

कथित तौर पर राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के आरोप में महाराष्ट्र के ठाणे जिले के विभिन्न स्थानों से पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के चार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस उपायुक्त (अपराध) लक्ष्मीकांत पाटिल ने कहा कि स्थानीय पुलिस और अपराध शाखा के अधिकारियों द्वारा जिले में चलाए गए संयुक्त अभियान के तहत सोमवार रात को गिरफ्तारियां की गईं।

उन्होंने बताया कि दो कार्यकर्ताओं को मुंब्रा से और एक-एक को कल्याण व भिवंडी से पकड़ा गया है। साल 2006 में गठित पीएफआई भारत में कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण के लिए एक नव-सामाजिक आंदोलन चलाने का दावा करता है। हालांकि कानून प्रवर्तन एजेंसियां अकसर इसपर इस्लामी कट्टरपंथ को बढ़ावा देने का आरोप लगाती रही हैं।

इससे पहले, देश में आतकंवादी गतिविधियों को समर्थन देने के आरोप में 22 सितंबर को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के नेतृत्व में विभिन्न एजेंसियों के अभियान के तहत इसी तरह छापेमारी करके 15 राज्यों में पीएफआई के 106 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था।

असम में 25 कार्यकर्ता गिरफ्तार

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के खिलाफ कार्रवाई में मंगलवार को असम के विभिन्न जिलों से संगठन के 25 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा 10 पीएफआई कार्यकर्ताओं को गोलपारा से गिरफ्तार किया गया है। इसके बाद पांच को कामरूप (ग्रामीण) में और तीन को धुबरी में गिरफ्तार किया गया। वहीं, बारपेटा, बक्सा, दरांग, उदलगुरी और करीमगंज में भी गिरफ्तारियां की गईं। इससे पहले, 22 सितंबर से संगठन के खिलाफ देशव्यापी कार्रवाई के बाद से असम पुलिस ने राज्य और दिल्ली के विभिन्न हिस्सों से 11 लोगों को गिरफ्तार किया था।

मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सरमा ने पहले कहा था कि राज्य सरकार आतंकवादी गतिविधियों को लिए कथित तौर पर एक तंत्र बना रहे संगठन को प्रतिबंधित करने के लिए केंद्र से आग्रह किया है। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने दावा किया है कि पीएफआई के कार्यालयों और उसके सदस्यों के परिसरों पर मारे गए देशव्यापी छापे के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों में एक विशेष समुदाय के प्रमुख नेताओं को निशाना बनाने वाली अत्यधिक आपत्तिजनक सामग्री मौजूद है।

कर्नाटक में छापेमारी

कर्नाटक के उडुपी जिले के कई इलाकों में मंगलवार को पुलिस ने विभिन्न मामलों में पीएफआई नेताओं के घरों पर छापेमारी की और चार लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस सूत्रों ने कहा कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के चार नेताओं को हिरासत में लिया गया है।

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