reporttimes
सुहाग की लम्बी उम्र की कामना को लेकर सुहागिन महिलाओं ने वट सावित्री व्रत रखा। इस दौरान चिड़ावा व आसपास के इलाकों में भी सुहागिन महिलाओं ने वट वृक्ष की पूजा की और वट सावित्री की कथा सुनी व वट वृक्ष के परिक्रमा की। हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत और शनि जयंती का विशेष वूमहत्व है। इस बार यह दोनों त्योहार सोमवती अमावस्या के दिन पड़ने से विशेष संयोग बन रहा है।
ज्योतिषियों की माने तो ऐसा संयोग 30 साल बाद बन रहा और। इसके साथ सोमवती अमावस्या के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग व सुकर्मा योग भी बन रहा है। सोमवती अमावस्या को दान- पुण्य का विशेष महत्व है।
