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बारिश के मौसम में आकाशीय बिजली से बचनें के लिए यह करें।

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बारिश के मौसम में आकाशीय बिजली से बचनें के लिए यह करें।
जिला प्रशासन ने जारी किए दिशा-निर्देश
झुंझुनूं, 11 जुलाई। जिला कलक्टर लक्ष्मण सिंह कुड़ी ने प्राकृतिक आपदा (आकाशीय बिजली) की घटना के संबंध में दिशा निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस दौरान तीव्र गर्जन एवं वज्रपात के दौरान क्या करें, क्या ना करें के बारें में गाईड लाईन जारी की है। उन्होंने बताया कि आकाश में छाये बादलों एवं हवा पर नजर रखें। तीव्र गर्जन सुनने पर सुरक्षित स्थान पर आश्रय लें। बिजली गर्जन के समय पेड़ों, टिन या धातु की छतों के नीचे व पास में शरण न लें। समुचित दूरी रखें और भीड़ में खड़े होने से बचे। गड़गड़ाहट के अंतिम गर्जन के बाद कम से कम 30 मिनट के लिए गतिविधियों को स्थगित करें। .स्थानीय मीडिया द्वारा जारी सूचना, चेतावनी एवं निर्देशों का पालन करें। बाहरी गतिविधियों को स्थगित करें। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और जानवरों के लिए भी सुरक्षित स्थान सुनिश्चित करें।
सभी विद्युतीय उपकरणों को बंद करें और धातु के पाइप में विद्युत, कॉर्डेंड टेलीफोन उपकरणों, उपयोगिता लाइनों, तारों और बहते पानी के संपर्क से बचें।  धात्विक ध्वज के पोस्ट, धातु पाइप या ऊर्ध्याधर पाईप के करीब न जाएं। कंक्रीट के फर्श पर न लेटे व दीवार के साथ सटकर न खड़ें हों। इसके स्थान पर पैरों के मध्य सिर को रखकर अपने आप को छोटा बनाकर पंजों के बल बैठें। पेड़, जो इमारत की सुरक्षा के लिए खतरनाक हो सकते हैं, इनकी कटाई व छंटाई करें। छत पर विद्युत सुरक्षा प्रणाली स्थापित करें। बरामदे कांच की खिड़कियों और दरवाजों से दूर रहें। बैटरी-संचालित रेडियो का उपयोग करें और अपने मोबाइल फोन को चार्ज रखें। यदि आप एक बंद वाहन में है तो सड़क किनारे सुरक्षित स्थान पर वाहन रोककर उसके अन्दर ही रहें। तरणताल झीलें, जल निकायों, नावें आदि में होने पर पानी से तुरन्त बाहर निकलकर सुरक्षित आश्रय पर पहुॅचे। पहाड़ी, खुले खेतों और समुद्र तटों से बचें व मोबाईल का प्रयोग न करें। भारत सरकार की दामिनी विद्युत सचेत एप का प्रयोग करें।
बिजली गिरने पर क्या करें
जानकारी और निर्देशों के लिए स्थानीय रेडियो, टेलीविजन, संचार के साधनों को सुनना जारी रखें। क्षतिग्रस्त या गिरे हुए बिजली के खंभे, डूबे हुए बिजली के तारों से दूर रहें और तुरंत नजदीकी विद्युत स्टेशन या पुलिस स्टेशन को सूचित करें। यदि संभव हो, तो घायल व्यक्ति को प्राथमिक चिकित्सा दें। जरूरत पड़ने पर उसे नजदीकी अस्पताल ले जाएं। आवश्यकता हो तो सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) दें। उन लोगों की मदद करें जिन्हें सबसे अधिक आवश्यकता हो, जैसे कि शिशु, बच्चे, बुजूर्ग, गर्भवती महिलाएं, विकलांग, जानवर आदि ।

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